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येदियुरप्पा की नातिन की आत्‍महत्‍या केस, पुलिस ने दर्ज किया मामला

पति नीरज ने कहा कि

बेंगलुरू, कर्नाटक पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) की नातिन डा. सौंदर्या की आत्‍महत्‍या के मामले में बयान दर्ज किए हैं। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि डा. सौंदर्या के पति डा. नीरज ने अपने बयान में कहा है कि उनके बीच अच्छी बान्डिंग थी। पति पत्‍नी के बीच कोई संकट नहीं था। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर किस चीज ने सौंदर्या को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। डा. नीरज ने दावा किया कि उनसे झगड़ा नहीं हुआ था। सौंदर्या से उनका कोई मतभेद नहीं था। मालूम हो कि डा. सौंदर्या ने शुक्रवार को नौ महीने के बच्चे को छोड़कर अपने फ्लैट में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को दिए बयान में डा. नीरज ने कहा- मैंने सौंदर्या के साथ सौहार्दपूर्ण जीवन व्यतीत किया। इस घटना ने मुझे तोड़ दिया है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सौंदर्या ने किस वजह से आत्महत्या की। वहीं पुलिस ने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद डा. सौंदर्या ज्यादातर समय अपने माता-पिता के यहां रहती थी। वह यदा-कदा ही फ्लैट में जाती थी। मालूम हो कि डा. सौंदर्या ने शुक्रवार को नौ महीने के बच्चे को छोड़कर अपने फ्लैट में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को दिए बयान में डा. नीरज ने कहा- मैंने सौंदर्या के साथ सौहार्दपूर्ण जीवन व्यतीत किया। इस घटना ने मुझे तोड़ दिया है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सौंदर्या ने किस वजह से आत्महत्या की। वहीं पुलिस ने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद डा. सौंदर्या ज्यादातर समय अपने माता-पिता के यहां रहती थी। वह यदा-कदा ही फ्लैट में जाती थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपने बयान में डा. नीरज ने कहा- मुझे हमेशा की तरह उम्मीद थी कि सौंदर्या सुबह देर से उठेगी। यही कारण था कि मैंने नियमित समय पर सुबह जल्दी काम करना शुरू कर दिया। वह गुरुवार की रात जब फ्लैट पर आई तो बिल्‍कुल सामान्‍य लग रही थी। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक नीरज का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने उस फ्लैट की छानबीन भी की जिसमें सौंदर्या ने आत्महत्या की थी। इस दौरान नीरज और परिवार के सदस्य मौजूद थे। पुलिस ने सौंदर्या की मां और नौकरानियों के भी बयान दर्ज किए हैं। यही नहीं बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान पुलिस आयुक्त ने येदियुरप्‍पा से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। मामले की छानबीन जारी है। सूत्रों ने बताया कि डा. सौंदर्या गरीबों की सेवा करना चाहती थीं। यही वजह थी कि उन्होंने सरकार के संचालित बारिंग अस्पताल में काम करने का फैसला किया था।

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