ग्राम पंचायतों में सरकारी धन का दुरुपयोग थम नहीं रहा है। ताजा मामला डीघ ब्लॉक के बड़ागांव में सामने आया है। यहां पर ग्राम प्रधान ने पति, देवर, तीन बेटों और दो बहुओं को मजदूर दिखाकर मनरेगा से तीन लाख 51 हजार रुपये का भुगतान कर दिया।
डीपीआरओ की जांच में मामले का खुलासा होने पर डीएम शैलेष कुमार ने प्रधान को नोटिस भेजकर 15 दिनों में जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज किया जा सकता है। बड़ागांव निवासी कृष्ण मोहन शुक्ला ने 28 जुलाई 2025 को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर गांव के विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की थी। आरोप लगाया कि मनरेगा समेत अन्य विकास कार्यों में धांधली की जा रही है।
डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ संजय कुमार मिश्रा ने जांच किया। इसमें पाया कि ग्राम प्रधान फूल कुमारी ने पंचायत भवन की चहारदीवारी निर्माण, खड़ंजा निर्माण, प्राथमिक विद्यालय के कमरों के मरम्मत कार्य समेत करीब 16 अन्य कार्यों में पति फूलचंद्र मौर्य, बेटा कृष्ण मौर्य, राजेश मौर्य, बाल कृष्ण मौर्य, बहू लमी मौर्य, बिंदू देवी और देवर ज्ञानचंद्र को वीबी-जी राम जी में मजदूर बनाकर तीन लाख 51 हजार का भुगतान कर दिया।

