मेले में सोमवार को वापसी मार्गों और पीपा पुलों पर सिर पर गठरी, हाथों में झोला लिए लोगों के साथ गोद में बच्चों को लेकर महिलाएं और बुजुर्गों का हाथ पकड़े श्रद्धालु ही दिख रहे थे। सभी मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी लगाकर चेहरे पर संतुष्टि का भाव लिए अमौसा का मेला (माघ मेले) से वापसी करते दिखे।
श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या के बाद दूसरे दिन भी सुबह गंगा और त्रिवेणी संगम स्नान कर बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद घाटों पर पुरोहितों और गुरु के शिविरों में वस्त्र-अन्न के साथ गोदान भी किया।
मेले में विभिन्न भंडारों में पंगत में बैठकर लोगों ने प्रसाद भी पाया। कुछ लोगों ने राम तो किसी ने भागवत कथा सुनकर मेला भी घूमा। प्रमुख संतों के शिविरों के भीतर भी गए। खाक चौक के साथ परेड की तरफ श्रद्धालुओं का दबाव ज्यादा रहा।

