लखनऊः शंकराचार्य विवाद में अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर जीएसटी प्रशान्त कुमार सिंह ने यूपी सरकार के समर्थन में इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान के विरोध में नौकरी छोड़ी है। प्रशान्त कुमार सिंह ने कहा कि हर रोबोट नहीं हैं। हम जिस सरकार से वेतन लेते हैं, उस के ख़िलाफ़ नही सुनेगें। अविमुक्तेश्वरानंद हमारे सीएम पर अनर्गल आरोप लगता रहे हैं और हम खामोश रहें। ऐसा नहीं होगा।
राज्यपाल को भेजा इस्तीफा
जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल को संबोधित करते हुए दो पन्नों का इस्तीफा भेजा है। अपने इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं।
सीएम योगी का किया समर्थन
प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई अभद्र टिप्पणी से वह बेहद आहत थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का नमक खाता हूं और जहां से मुझे वेतन मिलता है, मैं उसी प्रदेश और उसके लोकतांत्रिक रूप से चुने गए मुख्यमंत्री का पक्षधर हूं। सीएम योगी जनता द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री हैं और उनका अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से वह मानसिक रूप से व्यथित थे और इसी के चलते उन्होंने यह निर्णय लिया। प्रशांत कुमार सिंह ने यह भी कहा कि जब उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा, तब वह अपने निजी संसाधनों से समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देंगे। इस इस्तीफे के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बरेली के नगर मजिस्ट्रेट का इस्तीफा
बता दें कि इससे पहले बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों विशेषकर यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले पर नाराजगी जताते हुए सोमवार को अपने पद इस्तीफा दे दिया। यूपी पीसीएस के 2019 बैच के अधिकारी अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। सूत्रों ने बताया कि अग्निहोत्री ने इस्तीफे का कारण सरकारी नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों से गहरी असहमति को बताया है।

