Warning to Mac Users: भारत सरकार ने macOS यूजर्स को बड़ी चेतावनी दी है और उनको एक नए सिक्योरिटी रिस्क के बारे में जानकारी दी है। ये ऐसा जोखिम है जो उनके सिस्टम को जोखिम के प्रति एक्सपोज करता है और हैकर्स इसके बाद आसानी से उनके Mac डिवाइस का डेटा चुरा सकते हैं। जो लोग नया और पुराना MacBook, iMac और Mac Mini मॉडल यूज कर रहे हैं, वो खास तौर पर इस जोखिम के प्रति ज्यादा सतर्क रहें क्योंकि उनके लिए ये सिक्योरिटी थ्रेट गंभीर है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) की तरफ से ये चेतावनी आई है।
इस सिक्योरिटी वॉर्निंग में कुछ खास बातों का जिक्र किया गया है जैसे कि ये रिस्क कितना गंभीर है और क्या इश्यू आ रहा है, इसके पीछे कौन सी ऐप्स जिम्मेदार हैं और एप्पल अपने डिवाइस को सिक्योर करने के लिए क्या कर रहा है।
MacOS सिक्योरिटी वॉर्निंग में क्या है प्रमुख बात
CERT-In बुलेटिन जनवरी 2026 में इस सिक्योरिटी रिस्क के बारे में बताया गया था। इसे मध्यम रेटिंग का रिस्क बताते हुए इसके बारे में कहा गया है कि ये प्रमुख तौर से उन ऐप्स से जुड़े हुए हैं जिनके macOS अपने टास्क और अन्य कामों के लिए यूज करता है। इस तरह के सिक्योरिटी इश्यू वैसे तो मैक यूजर्स के लिए आमतौर पर जाहिर नहीं किए जाते हैं लेकिन इस बार ये मामला अलग था। QuickLook कंपोनेंट और कुछ ऐसे पेज जो मैक के सिक्योरिटी पेज में ऐरर क्रिएट करने की कोशिश कर सकते है, इस सिक्योरिटी थ्रेट के पीछे उनको मुख्य वजह बताया जा रहा है।
इस सिक्योरिटी थ्रेट के जरिए साइबर अटैकर दूर बैठकर भी रिमोट एक्सेस के जरिए इन खतरों को विक्टिम के सिस्टम में ऑपरेट कर सकता है और फाइल करप्ट कर सकता है। इसमें मुख्य रूप से ये दो वर्जन जिम्मेदार हैं-
Pages versions prior to 15.1
Keynote versions prior to 15.1
आपको क्या करना चाहिए अगर आपके पास ये दो ऐप या वर्जन आपके मैक डिवाइस में मौजूद हैं तो आपके लिए तुरंत अपने सिस्टम को अपडेट करने की जरूरत है और इस काम में एप्पल भी आपका साथ दे रहा है। एप्पल अपने ऑफिशियल चैनल से इन अपडेट को करने की सुविधा दे रहा है।

