एसटीएफ ने सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में एक लाख के इनामी शूटर बनारसी यादव को मंगलवार रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर मुठभेड़ में मार गिराया। वह कॉलोनाइजर की हत्या करके 166 दिन से भागा था। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी पर वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत अन्य जनपदों में 24 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 21 अगस्त 2025 को सिंहपुर में बाइक सवार 3 शूटरों ने बाइक सवार महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या की थी। कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ को बनारसी यादव की तलाश थी। 4 जनवरी को दूसरे शूटर गाजीपुर के अरविंद यादव उर्फ फौजी को सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। गाजीपुर के तीसरे शूटर विशाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई को सूचना मिली कि बनारसी यादव गाजीपुर-वाराणसी हाईवे से कहीं भागने के फिराक में है। संबंधित थाने की फोर्स और एसटीएफ ने घेराबंदी की। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड के पास घेराबंदी देख बनारसी ने टीम पर फायरिंग कर दी। इस बीच जवाबी फायरिंग में बनारसी को गोली लगी और वह अचेत हो गया। एसटीएफ ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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बनारसी यादव के खिलाफ वाराणसी, गाजीपुर और सोनभद्र में सबसे ज्यादा मामले दर्ज थे। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पहला मामला गाजीपुर के खानपुर थाने में 2003 में दर्ज हुआ था। इसी मामले में पांच और प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

