अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के किशनगंज सेंटर में विशेष आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में निधि दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। सेंटर में बिना जरूरत के करीब 40 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। सेंटर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर हसन इमाम और प्रोफेसर राशिद निहाल सहित संबंधित कर्मचारी जांच में फंस गए हैं। मामले में कुलपति ने जांच टीम गठित कर दी है।
19 फरवरी 2024 की ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता, यूनिवर्सिटी की निधियों के दुरुपयोग और प्रक्रिया संबंधी खामियों के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में सत्र 2022-23 के लिए विकास निधि 13.06 लाख रुपये थी, जिसमें से 7,12,650 रुपये कैंटीन निर्माण में खर्च कर दिए गए, जिसकी मंजूरी भी नहीं थी। जांच में सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) नियमों के विरुद्ध पाया गया।
ऑडिट रिपोर्ट में वर्ष 2020-22 में सफाई और हॉस्टल मरम्मत जैसे अस्वीकृत कार्यों में 2,63,250 रुपये खर्च किए गए। इनमें नकद भुगतान, एक ही विक्रेता को बार-बार आदेश और फर्जी बिलिंग का जिक्र है। गर्ल्स हॉस्टल की रंगाई-पुताई के लिए 3,30,400 रुपये खर्च किए गए, जिसमें मानक के अनुरूप प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।

