सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती से मुलाकात के बाद कहा कि कोई भी शुभ कार्य और आगे बढ़ने का काम शुरू करने से पहले साधु-संतों का आशीर्वाद मिल जाए तो उससे अच्छी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का आशीर्वाद मिलने से नकली संतो का अंत हो जाएगा।
सपा मुखिया ने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान गौ सेवा को लेकर कई फैसले लिए थे। कन्नौज में यूपी का पहला गौ दूध प्लांट लगवाया था। वहां बनने वाले उत्पाद देशी गाय के दूध की होते थे, जिससे गाय की सेवा के साथ ही लोगों के बीच सम्पन्नता भी आती। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर अच्छी चीज के खिलाफ है। इस सरकार ने कन्नौज के मिल्क प्लांट को बंद कर दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लग रहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकार ही नहीं है। भाजपा लोकतंत्र को समाप्त कर रही है। इन दिनों जिलों-जिलों में बैठक हो रही हैं, जिसमें विधायकों का टिकट काटने की रणनीति बन रही है। अगर इन बैठकों में जिलाधिकारी शामिल हो रहें है तो इसका मतलब है कि जिलाधिकारी के ऊपर भाजपा का जिलाध्यक्ष बैठेगा।
रसोई गैस संकट को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताते हुए अखिलेश ने कहा कि भारत सरकार के गलत फैसले की वजह से लोगों को लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है। घरों में भट्टी बनानी पड़ेगी, चूल्हे तैयार करना पड़ेंगे। बाजार में इलेक्ट्रिक से चलने वाले सामान की मारामारी है। दोनों सरकारें अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हैं इसीलिए यह संकट पैदा हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में गैस सिलेण्डर को लेकर मारामारी है। प्रधान सांसद के क्षेत्र में लाइने लगी हैं। तंज कसा कि सरकार पहले से ही कभी नोटबंदी की लाइन, कभी रसोई गैस की लाइन, कभी आधार की लाइन लोगों को लगवाती रही है।

