Kanpur News: कानपुर में भीषण गर्मी और नींद की कमी से लोगों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है, जिससे अस्पतालों की मानसिक ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है। डॉक्टरों ने ठंडे वातावरण में रहने, पर्याप्त पानी पीने और आठ घंटे की नींद लेने की सलाह दी है। हैलट ओपीडी में भीड़ – फोटो : अमर उजाला
विस्तार केस-1: गुजैनी निवासी 45 वर्षीय प्रेम पाल के परिजन उन्हें साथ लेकर ओपीडी आए। बताया कि प्रेमपाल पहले से ही तनाव से गुजर रहे हैं। इन दिनों इनमें चिड़चिड़ापन इतना ज्यादा बढ़ा है कि पूरा दिन चिल्लाते रहते हैं। कभी बच्चों पर हाथ नहीं उठाया लेकिन अब उनकी जरा सी शैतानी पर पीटने के लिए दौड़ते हैं। मना करो तो उलझने लगते हैं और चीख पुकार करते हैं।
केस-2: शुक्लागंज निवासी 30 वर्षीय रेशमा पर चिड़चिड़ापन हावी होने पर परिजन ओपीडी में लेकर आए। परिजन के मुताबिक छोटी सी बात पर फांसी लगाने की धमकी देती हैं। अपने आपको मारने की कोशिश करती हैं। एक बार तो हाथ भी काट लिया। डर की वजह से ओपीडी में दिखाने आए हैं।
कानपुर शहर में भीषण गर्मी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। हैलट और उर्सला अस्पतालों की मानसिक रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ा है। दोनों अस्पतालों में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज आ रहे हैं।
इनमें से 50-50 मरीज गुस्से और चिड़चिड़ेपन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उर्सला अस्पताल के डॉ. चिरंजीवी प्रसाद ने नींद की कमी को इसका मुख्य कारण बताया। रात में गर्मी और उमस से नींद पूरी नहीं हो पाती है। मस्तिष्क को पर्याप्त आराम न मिलने से स्वभाव में चिड़चिड़ापन आता है। काम के दबाव के साथ गर्मी लोगों को हिंसक बना रही है।
गुस्सा अनियंत्रित होने पर विशेषज्ञ से परामर्श करें
डॉ. धनंजय चौधरी ने बताया कि पानी की कमी से बचें और ठंडे वातावरण में रहें। कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लेना आवश्यक है। गुस्सा अनियंत्रित होने पर विशेषज्ञ से परामर्श करें। पर्याप्त पानी, छाछ या नींबू पानी पीएं और गरिष्ठ भोजन से बचें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें तथा प्राणायाम करें।

