महंगी किताबों, ड्रेस और फीस के खिलाफ कई अभिभावकों ने बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत की। ये शिकायतें विभाग के नोटिसों में सिमट कर रह गई हैं। इस मामले में एक भी स्कूल पर कार्रवाई नहीं की गई। अब बीएसए कार्रवाई की गेंद जिला विद्यालय निरीक्षक के पाले में डाल रहे हैं। वहीं 55 स्कूलों को नोटिस भेजने का दावा किया गया है।
नए शिक्षा सत्र के दौरान मिशनरी और प्राइवेट स्कूलों में महंगी किताबें और ड्रेस का मामला गर्माया था। कई अभिभावकों ने इस संबंध में शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी थीं। उस समय विभाग की तरफ से कार्रवाई का दावा किया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी के स्तर से सेंट पैट्रिक्स स्कूल पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया। एक माह से अधिक गुजर जाने के बाद भी किसी स्कूल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 55 स्कूलों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। कितने स्कूलों ने नोटिस का जवाब भेजा, इस बात तक की जानकारी अभिभावकों को नहीं दी गई है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड का कहना है कि स्कूल संबंधी सभी फाइलें जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जा चुकी हैं। उनके स्तर से कार्रवाई होनी है। इसके लिए समिति भी गठित की गई थी।
संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों पर कार्रवाई का निर्णय जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को लेना है। अब नए जिलाधिकारी तैनात हुए हैं। उनके सामने डीआईओएस और बीएसए सभी प्रकरणों को रखेंगे। दो-तीन दिन में कार्रवाई हो सकती है।

