कन्नौज जिले में उस समय राजनीतिक सरगर्मी और तनाव अचानक बढ़ गया, जब शहर के मुख्य मार्गों और चौराहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खान के खिलाफ विवादित पोस्टर व बैनर लगे दिखाई दिए। बैनर देखते ही सपा नेता और कार्यकर्ता भारी आक्रोश में आ गए। देखते ही देखते दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और सड़क किनारे लगे सभी विवादित बैनरों को फाड़कर जमींदोज कर दिया।
रातों-रात पोस्टर लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो उन्होंने सड़क किनारे बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे देखे। इन होर्डिंग्स पर महिला विरोधी सपाई और बना दिया था अधम प्रदेश जैसे तीखे स्लोगन लिखे हुए थे। इसके साथ ही पुराने अखबारों की कतरनों का हवाला देते हुए सपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन पोस्टरों में मुख्य रूप से अखिलेश यादव और आजम खान की तस्वीरें छपी हुई थीं।
भड़के सपाइयों ने सरेआम फाड़े होर्डिंग्स
विवादित बैनर लगाए जाने की खबर जैसे ही स्थानीय समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मिली, उनमें भारी उबाल आ गया। तुरंत ही बड़ी संख्या में सपाई मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने बैनरों को खींचकर फाड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाने वाले अज्ञात लोगों और विरोधी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह उनके शीर्ष नेतृत्व को बदनाम करने और शहर का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है।
पुलिस प्रशासन अलर्ट, राजनीतिक सरगर्मी तेज
दिनदहाड़े सड़क पर हुए इस हंगामे और बैनर फाड़े जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने स्थिति को संभाला और कार्यकर्ताओं को शांत कराया। इस घटना के बाद से इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और सपा खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

