जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने पर डीएम ने शून्य डिलीवरी परफॉर्मेंस वाले छत्ता, नगला पदी, शाहगंज, वैभव नगर, नरायच, नरीपुरा, नया घेर, नगला बूढ़ी और सेवला सहित 9 यूपीएचसी (अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर) प्रभारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसूता को डिस्चार्ज करने से पहले इंडियन पोस्टल पेमेंट बैंक से समन्वय कर मौके पर ही उसका बैंक खाता खुलवाया जाए और योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाए। जेएसवाई व मंत्रा पोर्टल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अछनेरा व बरौली अहीर ब्लॉक के प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि खराब प्रदर्शन पर आंवलखेड़ा, जैतपुरकलां व फतेहाबाद के प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सीएचसी-पीएचसी का होगा कायाकल्प
डीएम ने सभी सीएचसी/पीएचसी के कायाकल्प के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में रंगाई-पुताई, योजनाओं के साइनेज लगाने और स्टाफ द्वारा मरीजों से अच्छा व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा गया है। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए डीएम ने पंचायतों में एंटी लार्वा स्प्रे मशीनें लीज पर लेने के बजाय स्थायी रूप से खरीदने के निर्देश दिए। साथ ही नगर आयुक्त को आबादी के हिसाब से नई फॉगिंग मशीनें क्रय करने को कहा। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

