लातूर: महाराष्ट्र में कांग्रेस के सीनियर नेता और लातूर के सांसद डॉ. शिवाजी कालगे ने यह कहकर हलचल मचा दी है कि लोकसभा सदस्य बनने के बाद उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने अपनी आय में कमी का कारण अपनी मेडिकल प्रैक्टिस में कम समय दे पाना बताया है। सांसद ने कहा, “अगर कोई मेरी आर्थिक स्थिति के बारे में पूछे, तो मैं यही कहूंगा कि सांसद बनने के बाद मुझे नुकसान हुआ है।”
सांसद बनने से डॉक्टरी के लिए समय नहीं दे पा रहा हूंः कालगे
सांसद सांसद डॉ. शिवाजी कालगे ने कहा कि वह अपने पेशे डॉक्टरी के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं और इसका असर उनके अस्पताल के कामकाज पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में मैंने लगभग 36 लाख रुपये इनकम टैक्स के तौर पर चुकाए थे। 2024-25 में मेरा टैक्स लगभग 8.75 लाख रुपये था क्योंकि मेरी आय काफी कम हो गई। मैं अपने मरीजों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहा हूं और न ही पूरे समय अपना अस्पताल चला पा रहा हूं।
विकास कार्यों के लिए फंड के आवंटन पर नाराजगी
कांग्रेस नेता कालगे ने पड़ोसी नांदेड़ जिले में विकास कार्यों के लिए फंड के आवंटन पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया, “नांदेड़ के प्रभारी मंत्री (गार्जियन मिनिस्टर) के साथ मेरा अनुभव बिल्कुल अलग रहा है। पिछले साल विकास कार्यों के लिए एक भी रुपया मंजूर नहीं किया गया। बीजेपी के प्रभारी मंत्री की ऐसी राजनीति निंदनीय है। कालगे ने कहा कि वह प्रभारी मंत्री से दो-तीन बार मिले थे और यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया है कि इस साल ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।”
सभी सांसद पार्टी के साथ हैं: संजय राउत
उधर, शिवसेना (उबाठा) की बैठक में कुल नौ में से पांच लोकसभा सदस्यों के अनुपस्थित रहने के एक दिन बाद सोमवार को पार्टी के नेताओं आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने कहा कि वे सभी पार्टी के साथ हैं। दोनों ने अलग-अलग बातचीत के दौरान पार्टी सांसदों को तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू होने के कयासों को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना का प्रतीक चिह्न एक बाघ था, जिसे पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने खुद बनाया था। आदित्य ने पुणे में पत्रकारों से कहा, “अफवाहों पर विश्वास मत कीजिए। मैं और उद्धव ठाकरे यह आश्वस्त करते हैं कि जो लोग हमारे साथ हैं, उन पर हम पूरा भरोसा करते हैं।

