जनकपुरी महोत्सव-2026 में रामायण की थीम पर प्रवेश द्वारों को सजाया जाएगा। एक मुख्य प्रवेश द्वार के अलावा चार अन्य द्वारों को भी भव्य बनाया जाएगा। मिथिला नगरी में प्रवेश के लिए पांच द्वार बनाए जाएंगे। इनमें मुख्य द्वार भावना एस्टेट रोड पर बनाया जाएगा। प्रमुख प्रवेश द्वारों के पास विशेष वेटिंग रूम बनाए जाने की योजना है, जहां वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजन के बैठने की व्यवस्था होगी। यहां से उन्हें महोत्सव स्थल तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा अथवा गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार (राजू यादव) ने बताया कि इस बार आयोजन का स्वरूप कुछ अलग होगा। कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट के निकट करीब 16 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में भव्य जनक महल का मुख्य मंच तैयार किया जाएगा। जनक महल से लेकर पांचों प्रवेश द्वारों, रामायणकालीन झांकियों, विद्युत सज्जा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। समिति का प्रयास है कि इस बार का जनकपुरी महोत्सव अपनी भव्यता और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण नया इतिहास रचे।
पांचों द्वारों पर दिखेगी रामायण की झलक
मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह ने बताया कि जनक महल के अलावा पांचों मुख्य प्रवेश द्वारों के आसपास रामायणकालीन झांकियां स्थापित की जाएंगी। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जनकपुरी क्षेत्र में विद्युत सज्जा होगी। इलाके के घरों को भी एकरूप थीम के अनुरूप सजाने की योजना है।
शांता और श्रृंगी ऋषि की झांकी होगी खास
मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गोयल एवं मुख्य संयोजक मनोज बंसल ने बताया कि इस बार भगवान श्रीराम की बहन शांता और उनके पति श्रृंगी ऋषि के जीवन से श्रद्धालुओं को परिचित कराने के लिए विशेष झांकी तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रृंगी ऋषि से जुड़ी धार्मिक विरासत जिले में होने के बावजूद अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। इस झांकी के माध्यम से इस ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा का प्रस्ताव
जनकपुरी महोत्सव में भगवान श्रीराम की राम बरात के मिथिला नगरी में प्रवेश को भी विशेष बनाने की तैयारी है। प्रशासन की अनुमति मिलने पर राम बरात के मिथिला नगरी में प्रवेश के दौरान हेलिकॉप्टर से भगवान श्रीराम के स्वरूपों पर पुष्प वर्षा कराने की योजना है। अनुमति मिलने पर आकाश से होने वाली पुष्प वर्षा श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगी।

