विदेश

रूस पर प्रतिबंधों की झड़ी लगाने वाले दलीप सिंह आएंगे भारत

अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह भारत दौरे पर आ सकते हैं

रूस पर प्रतिबंधों की झड़ी लगाने वाले दलीप सिंह भारत दौरे पर आ सकते हैं। भारतीय मूल के दलीप रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंधों के कर्ता-धर्ता रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स में अपने शुरुआती करियर का कुछ हिस्सा बिताने वाले सिंह ने ओबामा ट्रेजरी डिपार्टमेंट में काम कर चुके हैं। मार्केट टेक्नीशियन के रूप में नाम बनाने के बाद वह ट्रम्प प्रशासन में बाजार उपाध्यक्ष रहे हैं।

‘वास्तुकार दलीप सिंह’

न्यूयॉर्कर की एक रिपोर्ट बताती है कि रूसी बैंकरों की दक्षता ने पश्चिमी देशों के लिए हमेशा से एक विशेष चुनौती पेश की है। ओबामा के एक पूर्व अधिकारी ने अखबार को बताया है कि प्रतिबंधों की एक जटिल संरचना है। नियमों, आर्थिक लीवर और पश्चिमी कंपनियों और निवेशकों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर। लेकिन बाइडेन प्रशासन के पास एक वास्तुकार है और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के वास्तुकार दलीप सिंह हैं।

दलीप सिंह ने क्या किया?

दलीप ने न्यूयॉर्कर से बातचीत में बताया है कि खुफिया एजेंसियों ने हमें यूक्रेन पर संभावित रूसी आक्रमण को लेकर चेतावनियां दे रही थी। ऐसे में मैंने यह पता लगाना शुरू किया कि हमारे पास ताकत कहां है और हम इस ताकत का इस्तेमाल रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाने में कहां-कहां इस्तेमाल कर सकते हैं। एक क्षेत्र था रूस की पश्चिमी टेक्नोलॉजी तक पहुंच जैसे कि माइक्रोचिप्स और सॉफ्टवेयर। एक और संभावित क्षेत्र विदेशों से पूंजी पर रूसी बैंकों की निर्भरता थी। प्रतिबंधों पर पश्चिमी देशों पर असर को देखते हए उन्होंने विदेशों से पूंजी पर रूसी बैंकों पर फोकस किया।

रूस को दी थी चेतावनी

दलीप ने यूक्रेन पर संभावित आक्रमण को देखते हुए पहले से ही प्रतिबंध ड्राफ्ट कर रहे थे। 24 मार्च को पुतिन द्वारा यूक्रेन पर पुतिन के हमले की घोषणा के बाद अमेरिका ने जल्द ही उन प्रतिबंधों के पैकेज की घोषणा की जो उन्होंने लंबे समय से दलीप की देखरेख में तैयार किए थे। 

दलीप ने कहा था कि अगर पुतिन अपनी ऊर्जा आपूर्ति को हथियार बनाने की कोशिश करेंगे तो यह उनकी बड़ी गलती साबित होगी। बता दें कि रूस अपनी ऊर्जा आपूर्ति के ग्राहकों के लिए पश्चिम पर बेहद निर्भर हैं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि रूस की ओर से ऐसा कदम उठाने पर पश्चिमी और यूरोपीय देश उससे दूर हो जाएंगे।

दलीप सिंह के बारे में और जानिए

रिपोर्ट्स के मुताबिक दलीप सिंह भारतीय मूल के अमेरिकी हैं। उनके माता-पिता साल 1970 में भारत से अमेरिका जाकर बस गए थे। दलीप का जन्म अमेरिका के मेरीलैंड में हुआ था। उन्होंने अपने बचपन का कुछ वक्त शिकागो में बिताया। इसके बाद 7 साल की उम्र में वह नार्थ कैरोलिन में बस गए। दलीप ने ड्यूक यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और पब्लिक पॉलिसी से ग्रेजुएशन की और उसके बाद बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन इन इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में मास्टर्स किया। 

दलीप जो बाइडेन के बेहद करीबी बताए जाते हैं। यूक्रेन मसले को लेकर उन्हें हाल के दिनों में कई बार वाइट हाउस में देखा गया है। वाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा था कि वाइट हाउस में दलीप की डिमांड बेहद ज्यादा है। यही कारण है कि उन्हें बुलाया गया है।

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