भारत में दिखेगा अनोखा खगोलीय नजारा, 2 लाख साल की यात्रा करने वाले धूमकेतू को कब और कैसे देखें?

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भारत में दिखेगा अनोखा खगोलीय नजारा, 2 लाख साल की यात्रा करने वाले धूमकेतू को कब और कैसे देखें?

भारत में आज यानी 17 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल के बीच डेली अनोखा खगोलीय नजारा दिखने वाला है। 2 लाख साल की यात्रा करने वाला धूमकेतू C/2025 R3 (PanSTARRS) चमकीली रोशनी के साथ दिखाई देगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरू जैसे शहरों में रहने वाले लोग भी इस धूमकेतू को रोज देख सकते हैं। अभी यह धूमकेतू धरती की सतह के काफी करीब है, जिसकी वजह से इसे आप देख सकते हैं।

अगर, आपके पास टेलीस्कोप या बाइनोकूलर्स है तो इस रेयर धूमकेतू को आप अपने घर की बालकनी या छत से देख पाएंगे। 18 अप्रैल को यह धरती के और भी करीब पहुंचने वाला है, जहां इसकी ब्राइटनेस काफी ज्यादा होगी। इस दिन लोग अपनी बिना टेलीस्कोप के भी इस धूमकेतू का अद्भुत नजारा देख सकते हैं।

क्या होता है धूमकेतू? 

दरअसल, धूमकेतू एक बड़ा टुकड़ा होता है, जो सोलर सिस्टम के जन्म से ही अंतरिक्ष में मौजूद है। कई धूमकेतू की साइज काफी ज्यादा होती है। जैसे-जैसे ये धूमकेतू सोलर सिस्टम के करीब पहुंचता है यह गर्म होने लगता है और इसका पूंध बढ़ जाता है, जिसकी वजह से यह खुली आंखों से भी दिखने लगता है। यह धूमकेतू इसलिए भी खास है क्योंकि इसे सोलर सिस्टम में एटर करने के लिए लगभग 2 लाख साल का समय लिया है। यह सूर्य के सबसे करीबी प्वाइंट यानी पेरीहिलियन में पहुंचने वाला है। 19 अप्रैल को यह सूर्य के पेरीहिलियन में प्रवेश करेगा।

सूर्य के पेरीहिलियन में पहुंचने के लगभग एक सप्ताह तक यह धरती के काफी करीब होगा। 25 से 26 अप्रैल के बीच इसके सबसे चमकीले होने की उम्मीद की जा रही है। जैसे ही यह सूर्य के करीब होता जाएगा, यह दिखाई देना बंद हो जाएगा। ऐसे में लोग इस अद्भूत खगोलीय नजारे को सीमित समय के लिए देख पाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धूमकेतू सूर्योदय से करीब 90 मिनट पहले देखा जा सकता है।

कैसे और कब देखें धूमकेतू?

इस धूमकेतू के रास्ते को आप Star Walk ऐप पर अपलोड किए गए फोटो के जरिए समझ सकते हैं। 17 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल के बीच यह धूमकेतू भारतीय समय के अनुसार सुबह 5:30 बजे से 6:00 बजे के बीच देखा जा सकता है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू जैसे शहरों में यह धूमकेतू सुबह 6:00 बजे से लेकर 6:15 के बीच दिखाई देगा।

इस धमकेतू को देखने के लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि आसमान में अंधेरा मौजूद रहे। इसके लिए आपको घर की छत या पार्क का रूख करना चाहिए, जहां से आसमान पूरी तरह साफ दिखाई देता है। इस धूमकेतू में आसमान के दक्षिण दिशा में देखा जा सकता है।

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