देश

ग्वालियर के शख्स को मोरक्को में हुआ प्यार, फिर ऐसे शादी को मिली मंजूरी

ग्वालियर के शख्स को मोरक्को की रहने वाली लड़की से सोशल मीडिया के जरिए प्रेम हुआ. तीन साल के बाद दोनों की शादी को कानूनी मान्यता मिल गई है. इस अनोखी शादी की कहानी आपको बताते हैं

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जहां दो जातियों, धर्मों और देशों में नहीं बल्कि दो संस्कृतियों का गठबंधन हुआ. दरअसल, ग्वालियर के रहने वाले युवक अविनाश दोहरे और मोरक्को की रहने वाली फादवा लैमाली की शादी इन दिनों काफी चर्चा में है. दोनों ने इस शर्त पर शादी की है कि कोई भी धर्म नहीं बदलेगा. इसके बाद ही तीन साल में दोनों के दिल मिल पाए.

तीन साल में पूरी हुई प्रेम कहानी

जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के अविनाश सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, जबकि फादवा मोरक्को में रहती हैं. युवक का धर्म युवती के धर्म से अलग था. देश भी बेगाना था, कभी एक दूसरे से रू-ब-रू न होकर भी दोनों का प्यार परवान चढ़ता रहा. इस प्रेम कहानी को पूरा होने में पूरे 3 साल लग गए. आखिर में बुधवार को कलेक्टरेट में यह शादी कानूनी तौर से मान्य हो गई.

‘न धर्म बदलूंगा न बदलने दूंगा’

अविनाश दो बार फादवा से मिलने के लिए मोरक्को भी गए. वे फादवा के परिवार से मिले, लेकिन पहले तो फादवा के पिता अली लैमाली ने उनकी शादी से इनकार कर दिया. लेकिन फादवा ने कहा कि वो शादी करेगी तो अविनाश के साथ ही, जिस पर फादवा के पिता ने अविनाश को भारत छोड़कर मोरक्को में रहने का ऑफर दिया. लेकिन अविनाश ने कहा कि वो फादवा से प्यार करता है, लेकिन इसके लिए वो अपना देश और धर्म नहीं छोड़ेगा और न ही फादवा का धर्म बदलने देगा.

शादी को मिला कानूनी दर्जा 

जब दोनों के परिवार वाले शादी के लिए राजी हो गए, तो उसके बाद दोनों ने करीब तीन साल के बाद ग्वालियर के कलेक्ट्रेट में शादी रजिस्टर्ड कराई, ग्वालियर के अपर कलेक्टर और विवाह अधिकारी एचबी शर्मा ने दोनों को उनकी रजिस्टर्ड शादी का सर्टिफिकेट सौंपा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button