आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को नगर निगम स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय और इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की व्यवस्थाओं को परखा। शहर में 39 स्थानों पर हो रही एक्यूआई (वायु गुणवत्ता) की मॉनिटरिंग व्यवस्था देखने के बाद निर्देश दिए कि प्रदूषण का सिर्फ डाटा इकट्ठा करना पर्याप्त नहीं है। इसका विश्लेषण कर नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को रिपोर्ट भेजें, ताकि क्षेत्र में सुधार के लिए तुरंत कदम उठाए जा सकें।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान सामने आया कि शहर के करीब 1.63 लाख घरों की ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन मॉनिटरिंग हो रही है। संकरी गलियों में गाड़ियां नहीं पहुंच पाने की समस्या पर डीएम ने निर्देश दिए कि जो सफाईकर्मी हाथ ठेले से कूड़ा उठाते हैं, उन्हें भी स्कैनर की सुविधा दी जाए और मोबाइल एप को मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाए। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए डीएम ने आईटीएमएसके डाटा का इस्तेमाल करने को कहा। रेड लाइट जंप करने, बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर नियम तोड़ने वालों का रियल टाइम डाटा ट्रैफिक पुलिस को भेजकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही, राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए डीएम ने आवासीय और कॉमर्शियल संपत्तियों के आधार पर वार्डवार स्लैब बनाकर राजस्व निरीक्षकों को कलेक्शन का लक्ष्य देने को कहा। उन्होंने माई आगरा एप पर आ रही जन शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी लंबित मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

