भारत ने पिछले साल अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया हादसे की जांच से जुड़ी विदेशी मीडिया की खबरों का खंडन किया है। केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एयर इंडिया हादसे पर कहा, ”मैं आप सभी को बताना करना चाहता हूं कि हमारी जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। हमें अपनी एजेंसियों पर भरोसा करना चाहिए या बाहरी लोगों पर? हमारी एजेंसियां इस पर काम कर रही हैं।” बताते चलें कि इटली के एक समाचार पत्र ने अपनी खबर में दावा किया था कि हादसे की जांच कर रही एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में हादसे के लिए एयर इंडिया के पायलटों को दोषी ठहराया है।
12 जून को अहमदाबाद से टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था एयर इंडिया का विमान
राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने शनिवार को सांगली में कहा, ”अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही उस पर टिप्पणी करना उचित होगा।” बताते चलें कि पिछले साल 12 जून को एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए टेक-ऑफ करने के कुछ ही मिनट बाद भयावह हादसे का शिकार हो गया था। एयर इंडिया का विमान एयरपोर्ट के नजदीक स्थित बी. जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक से टकरा गया था। साल 2025 के उस सबसे बड़े विमान हादसे में कुल 297 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री तथा हॉस्टल और उसके आसपास मौजूद कई लोग शामिल थे।
AAIB ने पिछले साल अपनी शुरुआती जांच में क्या कहा था
इस भयावह हादसे पर वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) ने गुरुवार को कहा था कि जांच अभी भी जारी है और अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। AAIB ने ये भी कहा कि जांच पूरी होने संबंधी मीडिया की खबरें ‘गलत और अटकलों पर आधारित’ हैं। AAIB ने पिछले साल अपनी शुरुआती जांच में कहा था कि हादसे का शिकार होने से पहले प्लेन के फ्यूल स्विच बंद कर दिए गए थे। बताते चलें कि फ्यूल कंट्रोल स्विच प्लेन के इंजन में फ्यूल के फ्लो को कंट्रोल करते हैं। अगर इन्हें बंद कर दिया जाए तो इंजन को होने वाली फ्यूल की सप्लाई बंद हो जाती है, जिससे इंजन भी बंद हो जाता है।

