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इस जनमत संग्रह से यह तय होगा कि यूक्रेन नाटो में शामिल होगा या नहीं।

रूस और यूक्रेन के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह नाटो फोर्सेस को लेकर है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन नहीं चाहते हैं कि यूक्रेन किसी भी कीमत पर नाटो में शामिल हो

रूस और यूक्रेन के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह नाटो फोर्सेस को लेकर है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन नहीं चाहते हैं कि यूक्रेन किसी भी कीमत पर नाटो में शामिल हो। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटनी ब्लिंकन के मुताबिक, रूस की इसी चिंता के मद्देनजर यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की देश में जनमत संग्रह कराने पर विचार कर रहे हैं। इस जनमत संग्रह से यह तय होगा कि यूक्रेन नाटो में शामिल होगा या नहीं।

एंटनी ब्लिंकन ने बताया- यूक्रेन रूस के साथ तनाव कम करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके की तलाश में है। इससे पहले मंगलवार को एंटनी ब्लिंकन ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी। तब दोनों के बीच संकट के डिप्लोमैटिक समाधान पर सहमति बनी थी।

अमेरिका को रूसी सेना की वापसी पर भरोसा नहीं रूस और नाटो के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच मॉस्को ने यूक्रेन बॉर्डर से सैनिकों की वापसी का ऐलान किया है। हालांकि, अमेरिका को अभी भी रूस पर भरोसा नहीं है। ब्लिंकन ने ABC न्यूज के इंटरव्यू में कहा- हमें अभी तक रूसी सेना का क्लियर पुल-बैक नहीं दिखाई दिया है। इसके उलट एक बड़ा सैन्य जमावड़ा नजर आ रहा है।

नाटो के महासचिव, जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने भी बताया, रूस अभी भी जिस स्थिति में है वो बिना किसी चेतावनी के यूक्रेन पर हमला कर सकता है। हमें यह भी देखना होगा कि रूसी फोर्सेस वापस लौट रही हैं या सिर्फ सैनिकों को इधर-उधर घुमाया जा रहा है।

रूसी सैन्य हथियार फिर से यूक्रेन बॉर्डर पर तैनात हो सकते हैं

क्रीमिया के स्लेवेन कोस्ट पर रूसी सेना के हेलिकॉप्टर और टैंक्स को तैनात किया गया था। यहां से यूक्रेन बॉर्डर सिर्फ 13 किलोमीटर दूर है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता, दिमित्री पेसकोव अमेरिकी आशंका को खारिज किया है। पेसकोव का कहना है कि अमेरिका और नाटो ने अभी तक हालात का सही मूल्यांकन नहीं किया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने भी एक वीडियो जारी करते हुए कहा- रूसी टैंकों, बख्तरबंद वाहन और हॉवित्जर से लदी एक ट्रेन क्रीमिया से निकल गई है, सेना जल्द ही अपने ठिकानों पर वापस आ जाएगी।

रूस की मिलिट्री मूवमेंट पर नजर रखने वाले रिसर्चर रुस्लान लेविएव इन सभी दावों को खारिज किया है। लेविएव का कहना है कि क्रीमिया से हटाए गए रूसी मिलिट्री एक्यूपमेंट्स को फिर से यूक्रेन की पूर्वी बॉर्डर पर तैनात किया जा सकता है।

रूस और अमेरिका के वॉर प्लेन ने फ्लाइंग पाथ को क्रास किया

पिछले साल जुलाई में मास्को के एक एयर शो के दौरान प्रदर्शन करते रूसी Su-35 जेट लड़ाकू विमान।

पेंटागन के अधिकारियों ने बुधवार को बताया पिछले हफ्ते में रूस और अमेरिका के वॉर प्लेन तीन बार खतरनाक तरीके एक दूसरे के आमने सामने आ गए थे। एक बार तो इनके बीच सिर्फ 5 फीट की दूरी बची थी। अधिकारियों ने बताया पिछले हफ्ते रूस के Su-35 फाइटर जेट और अमेरिकी P-8A सर्विलांस विमान एक दूसरे फ्लाइंग पाथ को पार कर गए थे।

पेंटागन के प्रवक्ता, नौसेना कैप्टन माइक काफ्का ने कहा- हमने डिप्लोमैटिक चैनल के जरिए रूसी अधिकारियों को अपनी चिंताओं के बारे में बताया है। गनीमत रही की दोनों देशों के फ्लाइंग पाथ को क्रास करने के बाद भी किसी को चोट नहीं लगी थी, लेकिन इस तरह की घटनाओं के आंकलन में गलतियां हो सकती है। जिससे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

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