महाराष्ट्र के एक और रेलवे स्टेशन का बदलेगा नाम, कैबिनेट ने दी मंजूरी

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महाराष्ट्र के एक और रेलवे स्टेशन का बदलेगा नाम, कैबिनेट ने दी मंजूरी

मुंबई: महाराष्ट्र कैबिनेट ने सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को सावंतवाड़ी स्टेशन का नाम बदलकर ‘लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी। यह नामकरण दिवंगत समाजवादी नेता के सम्मान में किया गया है, जिन्हें कोंकण रेलवे का “शिल्पकार” माना जाता है। बता दें कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। अब कैबिनेट बैठक में मंजूर किए गए प्रस्ताव को अंतिम मंज़ूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस फैसले से कोंकण क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही एक मांग पूरी हुई है। मधु दंडवते एक कद्दावर समाजवादी नेता थे। वह राजापुर लोकसभा सीट (2009 में परिसीमन के बाद अब रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट) से 5 बार सांसद रहे थे। उन्होंने मोरारजी देसाई सरकार में रेल मंत्री और वी.पी. सिंह सरकार में वित्त मंत्री के रूप में भी कार्य किया था।

कैबिनेट ने अन्य प्रस्तावों को भी दी मंजूरी

वहीं एक अन्य फैसले में, कैबिनेट ने ‘महाराष्ट्र सरकारी कर्मचारी स्थानांतरण विनियमन और सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन में देरी की रोकथाम अधिनियम, 2005’ में संशोधनों को मंज़ूरी दी। इसके तहत, 2026 में राज्य सरकार के कर्मचारियों के सामान्य स्थानांतरण (ट्रांसफर) की समय सीमा बढ़ा दी गई है।  इसके अलावा कैबिनेट ने ठाणे जिले के कल्याण तालुका में स्थित डोंबिवली औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत, सागाव सोनारपाड़ा में पिंपलेश्वर देवस्थान मंदिर ट्रस्ट को 4 एकड़ और 25 गुंठा जमीन आवंटित करने को भी मंजूरी दी। बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार ने मंदिर ट्रस्ट द्वारा ज़मीन के उपयोग को नियमित करने को मंजूरी दी और नाममात्र की दर पर जमीन का स्वामित्व ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की। एक अलग फैसले में, कैबिनेट ने विदर्भ क्षेत्र में स्थित जिले के हिंगना तालुका के गोधनी और लाडगांव (रिठी) गांवों में ‘न्यू नागपुर’ और ‘न्यू आउटर रिंग रोड’ परियोजना के लिए आवश्यक निजी जमीन की सीधी खरीद पर लगने वाले स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट देने को मंजूरी दी। बयान में बताया गया है कि इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जमीन मालिकों के साथ सीधी बातचीत के माध्यम से पूरी की जाएगी।

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