Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होने वाला है, और इसके मद्देनजर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। BJP राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए आक्रामक प्रचार अभियान चला रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की लगातार रैलियां और जनसभाएं इस चुनाव को बेहद अहम बना रही हैं।
बंगाल में बीजेपी का बड़ा दांव, दिग्गजों की ताबड़तोड़ एंट्री
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी बंगाल में चुनावी मोर्चा संभाल लिया है। हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने भाषणों में तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे हमले किए हैं। खासकर उन्होंने नॉन-वेज खाने को लेकर ममता बनर्जी के आरोपों का जोरदार जवाब दिया। हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वे बंगाल की जनता के बीच यह झूठ फैला रही हैं कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है, तो नॉन-वेज खाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। उन्होंने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि असम में पिछले 10 वर्षों से बीजेपी की सरकार है, लेकिन वहां आज भी लोग खुले तौर पर नॉन-वेज भोजन करते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में ममता बनर्जी को असम आने का न्योता भी दिया और कहा कि वे खुद उन्हें चिकन और मटन खिलाएंगे।
हिमंता ने क्यों किया मां कामाख्या मंदिर का जिक्र
अपने भाषण में उन्होंने धार्मिक परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असम के प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में देवी को बलि चढ़ाने की परंपरा है, और बीजेपी की सरकार होने के बावजूद वहां यह परंपरा जारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी सरकार आने के बाद वहां बलि प्रथा बंद हुई है? इस उदाहरण के जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि बीजेपी किसी की खान-पान या धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप नहीं करती।
हिमंता बिस्वा सरमा ने बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को इस बात का डर सता रहा है कि अगर बीजेपी बंगाल में सत्ता में आ गई, तो बांग्लादेशी घुसपैठियों और उनके कथित वोट बैंक पर असर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि असम में उनकी सरकार ने घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
हिमंता ने बंगाल में पेश किया असम मॉडल
उन्होंने कहा कि असम में उनकी सरकार ने लगभग डेढ़ लाख एकड़ जमीन से अवैध कब्जा हटाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हमने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी हमारी जमीन पर अवैध कब्जा न कर सके।” उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में इस कार्रवाई का विरोध हुआ, लेकिन सरकार ने सख्ती से स्थिति को नियंत्रित किया और अंततः अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया।
हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने भाषण में यह भी कहा कि बंगाल को भी ऐसी ही सख्त सरकार की जरूरत है, जो घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सके। उन्होंने बीजेपी को एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व वाली पार्टी बताते हुए जनता से समर्थन की अपील की।
सत्ता की जंग में कौन मारेगा बाजी?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को देश की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं बीजेपी राज्य में पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में चुनावी बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और बड़े नेताओं की सक्रियता इस चुनाव को और भी दिलचस्प बना रही है।

