राजनीति

खाड़ी देशों के कामगार वेतन का मुद्दा संसद में उठा

खाड़ी देशों में भारतीय कामगारों के लंबित वेतन को लेकर कई सवाल उठते रहते हैं. ऐसे ही एक सवाल का संसद में जवाब देते हुए विदेश मंत्री बोले कि इस मामले को खाड़ी देशों के सामने उठाया गया है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने खाड़ी देशों के समक्ष भारतीय कामगारों के लंबित वेतन का मुद्दा उठाया है. एजेंसी की खबर के अनुसार, विदेश में काम करने वाले भारतीयों के वेतन के नुकसान के बारे में एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि लंबित वेतन का डेटा उपलब्ध नहीं है लेकिन उन्होंने खाड़ी देशों के साथ इस मामले को उठाया है. जयशंकर ने कहा कि मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि रोजगार बरकरार है, मजदूरी का भुगतान किया गया है और कल्याण सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रमिकों को काम पर वापस लाना है और वह संबंधित अधिकारियों और खाड़ी देशों में राजदूतों के माध्यम से संपर्क में भी हैं. जयशंकर ने सदन को यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खाड़ी देशों की सरकारों के संपर्क में हैं और उन्होंने अधिकारियों के साथ 16 बार टेलीफोन पर बातचीत की है. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने खुद इन देशों का दौरा किया है और विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने भी खाड़ी देशों का दौरा किया है और वहां के अधिकारियों के साथ बैठक की है. उन्होंने यह भी बताया कि वहां भारतीय कामगारों की मदद के लिए भारतीय समुदाय कल्याण कोष के तहत 47 करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है. किसी भारतीय कर्मचारी की मृत्यु होने के मामले में विदेश मंत्रालय, वहां तैनात राजदूत के माध्यम से, स्थानीय सरकार या नियोक्ता कंपनी से वर्कर के परिवार को भुगतान की गई अनुग्रह राशि प्राप्त करने का प्रयास करता है.  

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