स्वास्थ्य

अस्थमा-सांस की बीमारियों के हैं शिकार

मिठाइयां, उत्साह और आनंद के पर्व दीपावली का सभी को पूरे साल इंतजार रहता है। पटाखे और जगमगाती रोशनी, इस त्योहार को काफी खास बनाते हैं।

पटाखों के धुएं के कारण आउटडोर और इनडोर, दोनों प्रकार के प्रदूषण आपकी दिक्कतों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि से लगातार खांसी, सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, त्वचा की एलर्जी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।

सांस के रोगी घर में ही रहें डॉ अरिंदम कहते हैं, जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारी जैसे अस्थमा या सांस लेने में तकलीफ की दिक्कत रहती हो, उन्हें धुएं के संपर्क में आने से बचना चाहिए। इसके लिए आपका घर के भीतर ही रहना ज्यादा अच्छा माना जाता है। धुएं के संपर्क में आने के कारण सांस फूलने की दिक्कत हो सकती है, यह अस्थमा को ट्रिगर करने वाला माना जाता है। ऐसे में घर की भीतर रहकर आप इस तरह के जोखिमों को कम कर सकते हैं।

मास्क पहनकर रखें कोविड के इस दौर में वैसे तो सभी लोगों को लगातार मास्क पहनकर रखने की सलाह दी जाती है, पर अगर आपको सांस की तकलीफ-अस्थमा की दिक्कत है तो यह और भी आवश्यक हो जाता है। पटाखों से निकलने वाले धुएं से बचाव के लिए मास्क को काफी मददगार माना जाता है

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