लाइफस्टाइल

इन नैचुरल तरीकों से बैलेंस करें हॉरमोन्स, फिट बॉडी के लिए है जरूरी

हॉरमोन्स शरीर के अंगों के कई काम नियंत्रित करते हैं। आप कैसे दिख रहे हैं से लेकर आपका मूड कैसा है,

हॉरमोन्स शरीर के अंगों के कई काम नियंत्रित करते हैं। आप कैसे दिख रहे हैं से लेकर आपका मूड कैसा है, इन सब चीजों पर हॉरमोन्स का प्रभाव पड़ता है। हालांकि कई वजहों से हॉरमोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। ज्यादातर लोग इनसे होने वाली समस्याओं का टेम्पररी उपचार खोजते हैं। जबकि नींद न आना, चेहरे पर पिंपल्स होना, पीसीओएस से लेकर इनफर्टिलिटी तक कई समस्याओं की जड़ हॉरमोनल बैलेंस बिगड़ना होती है। जब भी शरीर में हॉरमोन्स का बैलेंस बिगड़ता है, हमारा शरीर इसके संकेत देता रहता है। अगर आपको भी हॉरमोनल इमबैलेंस की समस्या है तो यहां बताए कुछ घरेलू उपचार अपना सकते हैं।

शरीर में अगर हॉरमोन्स का बैलेंस गड़बड़ है तो आपको डिप्रेशन, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, पिंपल, पीरियड साइकल गड़बड़ होना, नींद न आना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। आपके शरीर में कई तरह के हॉरमोन्स पाए जाते हैं। जरूरत के हिसाब हमारा शरीर इन्हें रिलीज करता है। लाइफस्टाइल या खान-पान में गड़बड़ी चलते कई  बार इनका संतुलन बिगड़ जाता है जिससे कई समस्याएं होने लगती हैं। अगर आपको विजिबली बहुत ज्यादा दिक्कत है तो किसी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से संपर्क करें। हालांकि लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव लाकर आप काफी हद तक इन पर कंट्रोल कर सकते हैं।

4 बीज डायट में करें शामिल 

हॉरमोनल बैलेंस के लिए सीड साइकलिंग भी एक प्रक्रिया है। इसमें अलसी, सूरजमुखी, कद्दू और तिल के बीज अलग-अलग साइकल पर लिए जाते हैं। पहले 15 दिन आपको कद्दू और अलसी के बीज एक-एक चम्मच खाने होते हैं। दूसरे 15 दिन में सूरजमुखी और तिल के बीज 1-1 चम्मच खाने होते हैं। आपको इन्हें रोस्ट नहीं करना है बल्कि कच्चे ही खाने हैं। अगर आपको कोई परेशानी हो रही है तो तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर की सलाह लें।

डायट में हो प्रोटीन

हॉरमोन्स को बैलेंस रखने के लिए प्रोटीन डायट लेने की सलाह दी जाती है। अगर आप वेजीटेरियन हैं तो दालें, सोयाबीन, अंडा खा सकते हैं। अगर नॉन वेज खाने का ऑप्शन है तो वो भी खा सकते हैं। हालांकि ज्यादा तला-भुना खाने से बचना है। 

एक्सरसाइज है जरूरी

पूरी बॉडी का हर अंग ठीक से काम करे इसके लिए एक्सरसाइज बेहद जरूरी है। सबको इसके फायदे पता हैं लेकिन लोग इसके लिए वक्त नहीं निकालते। अपने रूटीन में कम से कम वॉक ही शामिल करें लेकिन ऐसा काम जरूर करें जो आपको ऐक्टिव रखे।

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