बांग्लादेश में फिर हिंसा ने लिया विकराल रूप, घबराए निर्वाचन आयोग ने मांगी अतिरिक्त सुरक्षा

5 Min Read
बांग्लादेश में फिर हिंसा ने लिया विकराल रूप, घबराए निर्वाचन आयोग ने मांगी अतिरिक्त सुरक्षा

ढाका: बांग्लादेश में हिंसा ने एक बार फिर से विकराल रूप ले लिया है। हाल ही में कुछ बंदूकधारियों द्वारा आगामी संसदीय चुनाव के एक उम्मीदवार को गोली मार दी थी। ताजा हिंसा में मारा गया शख्स पिछले साल शेख हसीने के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों का अग्रणी नेता था। इसके बाद कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शनों और आगजनी का दौर शुरू हो गया है। इससे निर्वाचन आयोग भी घबरा गया है। मौजूदा हालात को देखते हुए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने अपने प्रमुख, अन्य आयुक्तों और अधिकारियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। 

फिर अशांति की आग में बांग्लादेश

ताजा हमले ने बांग्लादेश को फिर अशांति की आग में झोंक दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने शनिवार देर रात कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) को पत्र लिखकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी), निर्वाचन आयुक्तों (ईसी) और निर्वाचन आयोग सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करने का आग्रह किया है। आयोग ने 13वें राष्ट्रीय चुनाव से पहले अपने जमीनी स्तर के कार्यालयों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। आयोग ने ैसे वक्त में सुरक्षा मांगी है, जब आगामी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद गत बृहस्पतिवार को दक्षिण-पूर्वी लक्ष्मीपुर और दक्षिण-पश्चिमी पिरोजपुर में स्थित दो कार्यालयों पर अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया था। 

हमले से डरे बांग्लदेश के चुनाव आयुक्त

इस हिंसक हमले के बाद बांग्लादेश चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त डर गए हैं। निर्वाचन आयोग ने उनके लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा वाहन की मांग की है, जबकि वर्तमान में उनके लिए एक पुलिस सुरक्षा वाहन की व्यवस्था पहले से ही मौजूद थी। आयोग ने चारों आयुक्तों और वरिष्ठ सचिव के लिए 24 घंटे पुलिस सुरक्षा की मांग की। पत्र में कहा गया है कि सुरक्षा बढ़ाना ‘‘अत्यंत आवश्यक’’ है। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि उनके 10 क्षेत्रीय कार्यालय, 64 जिला चुनाव कार्यालय और 522 उप-जिला स्तरीय कार्यालय में महत्वपूर्ण दस्तावेजों और चुनाव सामग्री को सुरक्षित रखना होगा। 

बांग्लादेश में चुनाव की घोषणा होते ही एक नेता की हत्या

बता दें कि निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि आगामी संसदीय चुनाव अगले साल 12 फरवरी को होंगे। इसके एक दिन बाद राजधानी के एक निर्वाचन क्षेत्र से अपना चुनाव अभियान शुरू करते समय शरीफ उस्मान हादी को सिर में करीब से गोली मार दी गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन से कहा, “सरकार सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध हथियारौं के बढ़ते खतरे से निपटने में मदद करने के लिए ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ का दूसरा चरण शुरू करने जा रही है। यह घोषणा शुक्रवार को इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी पर तीन हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी के बाद हुई, जब वह मध्य ढाका के बिजयनगर इलाके में अपना चुनाव प्रचार शुरू कर रहे थे। 

हादी की हालत गंभीर

उस्मान हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार हैं। चिकित्सकों के अनुसार, हादी की हालत बेहद गंभीर है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने संदिग्धों की तलाश के आदेश दिए और हादी के परिवार से मुलाकात कर उनके इलाज में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। यूनुस ने कहा, “पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है और हर कोई यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा देखभाल मिले।”हादी पिछले साल के छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शन के एक प्रमुख नेता थे। इन प्रदर्शनों के बाद पांच अगस्त को शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार सत्ता से बेदखल हो गई। गंभीर रूप से बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, साथ ही जमात-ए-इस्लामी और छात्र-नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने हादी पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version