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16 जिला सहकारी बैंकों के निरस्त किये गये लाइसेन्स को रिजर्व बैंक ने किया पुनः रिनीवल

01 अक्टूबर से इन बैंकों में अन्य बैंकों की तरह खाता धारक बिना किसी असुविधा के कर सकेंगे लेन-देन

लखनऊ: प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे0पी0एस0 राठौर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित मानक की पूर्ति न करने के कारण 16 जिला सहकारी बैंकों के निरस्त किये गये लाइसेन्स को पुनः रिनीवल कर दिया गया है। 01 अक्टूबर, 2022 से प्रदेश के इन बैंकों में अन्य बैंकों की तरह कार्य शुरू हो जायेगा। खाता धारक बिना किसी असुविधा के लेन-देने कर सकेंगे। किसी भी खाताधारक को चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है, सभी ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और वह जब भी चाहें बैंक जाकर अपना पैसा निकाल सकते हैं। यह बातें श्री रौठार ने उत्तर प्रदेश को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रधान कार्यालय के सभागार में कही। उन्होने कहा कि यहां प्रदेश की 16 कमजोर स्थिति वाली जिला सहकारी बैंकों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनपद गाजीपुर, वाराणसी, सीतापुर, हरदोई, आजमगढ़, फतेहपुर, बलिया, इलाहाबाद, फैजाबाद, गोरखपरु, जौनपुर, सिद्धार्थनगर, सुल्तानपुर, बहराइच, देवरिया तथा बस्ती की जिला सहकारी बैंकों का खाता भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लाइसेंस निरस्त किया गया था। समीक्षा बैठक के दौरान सहकारिता मंत्री के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी मेहनत एवं लगन से कार्य करें तथा चुनौतियों का सामना मिलजुल कर करें। बैंक की आय बढ़ाने के लिए वेतनभोगी समतियों को जोड़ा जाये, जिससे तत्काल बैंक की पूंजी बढ़ेगी। इसके साथ ही कृषक हित के ऋण देने के अतिरिक्त होम लोन, एजुकेशन लोन, बिजनेस लोन के साथ-साथ अन्य लोन भी दिए जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी भ्रष्टाचार तथा वित्तीय अनियमितता में शामिल न हों अन्यथा सम्बन्धित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि अथक प्रयासों के बाद इन बैंकों को पुनः लाइसेंस प्राप्त हुआ है, इसीलिए सभी बैंकों को अपनी स्थिति में और सुधार करने तथा पूंजी बढ़ाने की अवश्यकता है। श्री राठौर ने कहा कि बैंक के चेयरमैन तथा सचिव मिलकर पारदर्शिता के साथ काम करें। सभी सचिव किये जा रहे कार्यों की जानकारी चेयरमैन को अवश्य दें। सहकारिता मंत्री ने कहा कि पैक्स सहकारी बैंक की रीढ़ है, इन्हें सक्रिय एवं मजबूत बनाने की आवश्यकता है। सभी पैक्स का कम्प्यूराइजेशन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि लोगों को भरोसा दिलाने की आवश्यकता है कि सहकारी बैंकों मे ंउनका पैसा सुरक्षित रहेगा तथा राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों की तरह ही खाताधारकों को आधुनिक सुविधायें दी जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों का स्वरूप बदलने की जरूरत है। बैंकों में साफ-सफाई रखें तथा कार्यालय में अच्छी गुणवत्ता का फर्नीचर रखें। बैंकों में ग्राहकों के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया जाये तथा उनके बैठने तथा पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। कोआपरेटिव बैंक को UIDAI द्वारा Authenticatin User Agency/ KYC User Agency (AUA/KUA) की सीधी सदस्यता प्राप्त हो चुकी है, जिसका प्रमाण पत्र सहकारिता मंत्री द्वारा बैंक के प्रबंध निदेशक को दिया गया। एनपीसीआई स्तर से आधार इनविल्ड पेमेन्ट सिस्टम की टेस्टिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शीघ्र ही शीर्ष बैंक के ग्राहक को आधार इनविल्ड पेमेन्ट सिस्टम उपलब्ध करायी जायेगी। एईपीएस आधार आधारित भुगतान प्रणाली है, जिसके उपयोग से माइक्रो एटीएम व मोबाइल उपकरणों से ऑनलाइन लेन-देन किया जाना आसान हो जायेगा। प्रमुख सचिव सहकारिता श्री बी0एल0 मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को मेहनत, लगन एवं पूर्णनिष्ठा से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सहकारिता मंत्री को आश्वासन दिया कि सहकारी बैंकों की स्थिति में सुधार करते हुए पूंजी में वृद्धि की जायेगी।

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