बरेली के मीरगंज इलाके में मकान के विवाद को लेकर भाभी पर केरोसिन डालकर जिंदा जलाने वाले देवर को जिला जज की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगा, इसमें से दस हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने होंगे। अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।
शीशगढ़ के सियाठेरी निवासी शंकरलाल ने 15 नवंबर 2019 को मीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी पुत्री देवकी की शादी नौ साल पहले मीरगंज के ठिरिया खुर्द निवासी मोहन से हुई थी। देवर प्रतीक अक्सर देवकी की पिटाई करता था। 14 नवंबर को जब उनका दामाद मजदूरी करने गया था, तब प्रतीक ने देवकी पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। प्रतीक के खिलाफ मीरगंज थाने में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। घटना के 11 दिन बाद देवकी की मौत हो गई। तब मुकदमे को हत्या की धारा में बदला गया।
पुलिस ने प्रतीक के खिलाफ हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई जिला व सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह (द्वितीय) के यहां चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 11 गवाह अदालत में पेश किए। अदालत ने प्रदीप उर्फ प्रतीक को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया गया है।

