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हिजाब विवाद और अब हत्या! हिन्दू की मॉब लिंचिंग पर सन्नाटा क्यों?

शिवमोगा में बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा की हत्या के बाद जिले में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. शिवमोगा में इस समय स्थिति को काबू में रखने के लिए धारा 144 लगा दी गई है. साथ ही शिक्षण संस्थानों को भी बंद कर दिया गया है.

 भारत के संविधान में देश के हर नागरिक की जान को समान महत्व दिया गया है. जब किसी नागरिक की हत्या होती है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो, या किसी भी जाति का हो, तब एक जैसी धाराएं लगती हैं और एक जैसी सजा दी जाती है. सबके लिए कानून एक जैसा है.

हिजाब का विरोध करने वाले की हत्या

इस देश में बजरंग दल के कार्यकर्ता को भी वही अधिकार हासिल हैं, जो PFI के कार्यकर्ता को हैं. इस देश के स्कूलों में हिजाब पहनने के पक्ष में या इसके विरोध में आवाज उठाने को भी अभिव्यक्ति की आजादी माना गया है. तो फिर ऐसा क्यों है कि जब बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या होती है तो सन्नाटा छा जाता है. जब PFI के कार्यकर्ता की हत्या होती है तो इसे लोकतंत्र की हत्या माना जाता है. कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब का विरोध करने वाले 23 साल के एक युवा की रविवार को निर्मम हत्या कर दी गई. ये एक मॉब लिंचिंग थी. लेकिन इस मॉब लिंचिंग को उतना निर्मम नहीं माना जा रहा, जितना अखलाक की मौत को माना गया था. इसका कारण ये है कि भारत में भी मॉब लिंचिंग को गुड मॉब लिंचिग और बैड मॉब लिंचिंग की श्रेणी में रख दिया गया है.

युवक को मिल रही थीं धमकियां

कर्नाटक में जिस युवा की मॉब लिंचिग में हत्या कर दी गई, उसका नाम हर्षा है और उसकी उम्र 23 वर्ष थी. इसके अलावा वो बजरंग दल के साथ पिछले काफी समय से जुड़ा हुआ था और कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में लगातार हिस्सा भी ले रहा था. हमें पता चला है कि इसकी वजह से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही थीं. ये पूरी घटना कर्नाटक के शिवमोगा में 20 फरवरी को रात करीब 9 बजे हुई. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक हत्या करने वाले लोगों की संख्या चार से पांच के बीच थी. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी कुछ लोगों ने आरोपियों की वहां से भागने में मदद की और इस दौरान वहां धार्मिक नारे भी लगाए गए. हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए पुलिस कुछ भी पुख्ता तौर पर नहीं बता रही है, लेकिन हमें घटना के बाद के कुछ Videos मिले हैं, जिनमें हर्षा नाम के इस लड़के का शव खून में लथपथ दिख रहा है और जो लोग वीडियो बना रहे हैं. वो इस लड़के का नाम लेते हुए दिख रहे हैं. यानी ये लोग, इस लड़के को जानते थे.

शिवमोगा जिले में तनाव का माहौल

इस वीडियो के आधार पर दो बातें कहीं जा रही हैं. पहली ये कि, आरोपियों ने जान बूझकर पीड़ित को उसके घर के पास घेर कर उसकी हत्या की, ताकि इलाके के लोगों को भी वो कड़ा संदेश दे सकें और दूसरी बात ये है कि, जिस इलाके में ये लड़का रहता था, वहां काफी स्कूल और कॉलेज हैं, जहां हिजाब की मांग को लेकर मुस्लिम छात्राओं और संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, इसलिए हो सकता है कि ये लोग इस घटना से स्कूल-कॉलेजों में और तनाव पैदा करना चाहते हों. इस घटना के बाद से शिवमोगा में काफी तनावपूर्ण हालात हैं. पिछले 24 घंटे में वहां तोड़फोड़ और आगजनी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोगों के घरों, दुकानों और गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया है. स्थिति को देखते हुए पूरे शहर में धारा-144 लागू कर दी गई है और इस जिले में दो दिन के लिए स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं. सोचिए, जब परीक्षा का समय है, तब इस तरह का साम्प्रदायिक जहर घोल कर शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त किया जा रहा है.

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