स्वास्थ्य

नेजल वैक्सीन को मिली DCGI की मंजूरी

ओमिक्रॉन जैसे वैरिएंट्स की संक्रामकता दर काफी अधिक बताई जा रही है

परीक्षण में सुरक्षित पाई गई है नेजल वैक्सीन

भारत बायोटेक की इस नेजल वैक्सीन का पिछले महीने ही इंसानों पर तीसरे चरण का ट्रायल पूरा हुआ है। भारत बायोटेक ने बताया कि इस इंट्रानेजल कोविड वैक्सीन के लिए दो अलग-अलग परीक्षण किए गए हैं। पहला परीक्षण प्राइमरी डोज शेड्यूल के तौर पर जबकि दूसरा बूस्टर खुराक के रूप में किया गया है।
वायरस के शरीर में प्रवेश करने से पहले ही कर देगी निष्क्रिय कंपनी द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक यह इंट्रानेजल वैक्सीन व्यापक रूप से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित करने में सहायक होगी। सार्स-सीओवी-2 जैसे कई वायरस सामान्यतौर पर म्यूकोसा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं।
ये बातें इस वैक्सीन को बनाती हैं बेहद खास 
  • यह वैक्सीन चूंकि नाक के माध्यम से दी जाती है जो नाक के भीतर प्रतिरक्षा प्रणाली तैयार करके वायरस के प्रवेश करते ही उसे निष्क्रिय कर देगी।
  • अब तक दी जा रही वैक्सीन्स से अलग, इसके लिए निडिल की आवश्यकता नहीं होगी।
  • इसे उपयोग में लाना भी आसान है घर पर भी इसको प्रयोग किया जा सकेगा। इसके लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों की आवश्यकता भी नहीं है

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