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बिजनौर- उस्तादे मोहतरम की अंतिम विदाई

क़ारी अफज़ाल की मौत से शागिर्दों व उलामाओं में गम

बिजनौर –नजीबाबाद दिनांक 16.05.2022 को तहसील क्षेत्र के ग्राम जोगीरमपुरी निवासी उस्ताज़ुल असातिज़ा शेख़ुलक़ुर्रा अल्हाज क़ारी अफज़ाल अहमद अफज़ाल बानी व मोहतमिम मदरसा दारुल क़ुरआन इब्ने मसऊद चन्दनवाला ने 1997 में मदरसा हाज़ा की बुनयाद रखी थी 1997 से लेकर क़ारी साहब ने हिफ़्ज़ व तज्वीद 2022 तक पढ़ाई खिदमत करते रहे

 

क़ारी साहब का शेर……….

बिछड़ा कुछ इस अदा से के रुत ही बदल गई

एक शख्स सारे शहर को वीरान कर गया

 

उनके पार्थिव शरीर को अमरोहा मखदूम शाह विलायत के पैतृक कब्रिस्तान में हज़ारों शागिर्दों व उलामाओं लोगों की भीड़ ने नम आंखों के साथ सुपुर्द ए खाक कर दिया।उन की नमाज़े जनाज़ा रोज़ा मुनव्वर पर अदा की गई।क़ारी अफज़ाल साहब मरहूम के बड़े साहिब्ज़ादे मुफ़्ती सलमान ने नमाज़े जनाज़ा पढ़ाई।

घर से जनाज़े को कंधा देते हुए उनके पुत्रों मुफ़्ती सलमान,मौलाना उस्मान, हाफिज़ नोमान, का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। उस्तादे मौहतरम (पूर्व)रमज़ानुल मुबारक के महीने में व ईद के बाद से लगातार शागिर्दों व उलेमाओं से बड़े शौक़ ज़ोक़ से मुलाक़ाते किया करते थे। अबसे 4 दिन पूर्व नहटौर मदरसा मिस्बाह उल उलूम मौलाना नफीस के प्रोग्राम में उपस्थित रहे। 3 दिन से हल्का बुख़ार था।सोमवार की रात 1:00 बजे क़ारी अफज़ाल के घुटन सी महसूस होने लगीऔर उलटी दस्त आने लगे तभी उनके परिजनों ने अमरोहा के निजी हॉस्पिटल ले जा जाया गया डॉक्टर ने बताया कि इनकोऑक्सिजन की ज़रूरत है हमारे पास ऑक्सिजन नही है।

दूसरे हॉस्पिटल में लेकर गए डॉक्टर के पास उन्होंने ECG किया डॉक्टरों ने हालत को नाज़ुक बताते हुए कहा घर लेजाओ अब कुछ नही है घर ले आए क़ारी अफज़ाल की रात 2:00 बजे मौत हो गई। क़ारी अफ़ज़ाल साहब मोहल्ला अंजुम कॉलोनी अमरोहा में रहते थे। अमरोहा में उनके पैतृक निवास पर अंतिम दर्शन के लिए क़ारी साहब के शागिर्दों उलेमाओ का तांता लग गया। क़ारी साहब के अशआर,बदलने आए थे माहौल को मगर अफ़सोस है, जिहालत के घिरे माहौल ने हमको बदल डाला, जिन्हें अफ़ज़ाल हक़ पर गाम ज़न होना था दुनिया में, उन्हें तो फ़ित्नए बातिल ने पहले ही कुचल डाला, सोमवार की सुबह ज़िला बिजनौर से उलामा, गणमान्य व्यक्तियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।क़ारी अफज़ाल की मौत से इलाका गमगीन हुआ क़ारी अफ़ज़ाल जोगीरमपुरी के इंतकाल से बिजनौर में ग़म की लहर दौड़ गई। क़ारी साहब के छोटे भाई हाफिज़ अयाज़ मरहूम का लगभग ढाई महीने पूर्व इंतिक़ाल हो गया था डायलिसिस, शुगर ज्यादा बिगड़ने के कारण उनका निधन हो गया था।दोनों भाई आज दुनिया से अलविदा कह गए, उस्तादे मोहतरम का शेर,ये दौर है दौरे तबाही कुछ तरक़्क़ी कीजिए, पर सहाबा से तरक़्क़ी का सबक़ फ़िर लिजिए, बादे मुर्दन ताके दुनिया याद ही करती रहे

इस दहर में रहके ऐसे कारनामे कीजिए,जनाज़े में मुफ़्ती इफ़्तिख़ार किरतपुरी,क़ारी यासीन गांवड़ी, समाजवादी पार्टी के ज़िला पंचायत सदस्य एंवम ज़िला उपाध्यक्ष मौहम्मद रफ़ी अंसारी, मौलाना लईक़,मुफ़्ती ताइब, क़ारी अफज़ाल के छोटे भाई मौलाना एजाज़,मौलाना बासित,क़ारी याहया अंसारी,क़ारी उस्मान, क़ारी तय्यब,मौलवी शाहनवाज़,मौलवी हनज़ला, हाफिज़ रागिब रानीकोटा, जोगीरमपुरी,हाफिज़ रागिब रानीकोटा,क़ारी मरगूब, क़ारी मुजीब,ग्राम प्रधान वकील अहमद चन्दनवाला,मौलाना मुनाज़िर क़ारी तौफ़ीक़,कोटक़दार, क़ारी फ़िरोज़ टाण्डामाईदास, क़ारी खुर्शीद इस्लामगड़,मौलाना इम्तियाज़, मौलाना इसरार नजीबाबाद,मुफ़्ती अयाज़ जलालाबाद, मुफ़्ती महफूज़ अकबराबाद,क़ारी अब्दुल हलीम बिजनौर,मौलाना नफ़ीस,मुफ़्ती आरिफ़ नहटौर,मुफ़्ती शाहिद जामा मस्जिद अमरोहा, मुफ़्ती ज़ईम, मौलाना तमीम, मौलाना नजीम मुरादाबाद, मुफ़्ती अज़हर दिल्ली, मौलाना अख़लाक़, अमरोहा,क़ारी अज़ीम, मौलाना जावेद चांदपुर,क़ारी रियाज़, क़ारी शाहवेज़, क़ारी वलियुल्लाह, क़ारी हकीम ताहिरुलइस्लाम,क़ारी शहबाज़, हज़ारों उलेमाओं व शागिर्दों ने अमरोहा पहुंचकर जनाज़े में शिरकत की और उनको अपने दस्त मुबारक से सुपर्द खाक किया।

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