जिम्बाब्वे टीम के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने जब पीएसएल छोड़कर आईपीएल 2026 के सीजन में केकेआर की टीम से खेलने का फैसला लिया तो इससे पीसीबी को काफी मिर्ची लगी थी, जिसके बाद उन्होंने मुजरबानी को 2 साल के लिए पीएसएल से बैन कर दिया, जिसको लेकर अब उनके एजेंट का जवाब आया है। जिम्बाब्वे टीम के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने जब इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेलने का फैसला लिया था, तो उसमें सबसे ज्यादा मिर्ची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लगी थी। दरअसल मुजरबानी को पीएसएल 2026 में इस्लामाबाद यूनाइटेड की टीम ने साइन किया था, लेकिन उन्होंने पाकिस्तानी सुपर लीग में ना खेलने का फैसला लेते हुए आईपीएल का रुख किया। इसको लेकर पीसीबी ने ब्लेसिंग मुजरबानी पर एक्शन लेने का फैसला लेते हुए उनको 2 साल के लिए पीएसएल से बैन कर दिया। अब इसको लेकर ब्लेसिंग मुजरबानी के एजेंट WSX Cricket ने पीसीबी के बैन करने के फैसले पर सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड और पीएसएल दोनों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
अगर कोई कॉन्ट्रैक्ट मिला ही नहीं तो फिर उसे तोड़ा ही नहीं जा सकता
ब्लेसिंग मुजरबानी के एजेंट WSX Cricket ने पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के 2 साल के लिए बैन करने के फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर जो बयान जारी किया है उसमें उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने पीएसएल 2026 में खेलने के लिए ब्लेसिंग से संपर्क किया था। जिम्बाब्वे क्रिकेट से एनओसी की शर्त पर डील तय हुई। हम ये बताना चाहते हैं कि पीएसएल से कॉन्ट्रैक्ट मिले बिना एनओसी नहीं ली जा सकती है। वहीं इस्लामाबाद यूनाइटेड और पीएसएल ने सोशल मीडिया के जरिए ब्लेसिंग को साइन करने का ऐलान कर दिया। हमें 27 फरवरी तक पीएसएल या इस्लामाबाद की तरफ से कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला। इसी दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स ने हमें संपर्क किया और उन्होंने सारी चीजें फटाफट कर दीं। हम ये बताना चाहते हैं कि ब्लेसिंग मुजरबानी ना तो पीएसएल ऑक्शन का हिस्सा थे और न ही उन्हें पीएसएल की तरफ से कोई कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। अगर हमें कोई कॉन्ट्रैक्ट ही नहीं मिला तो फिर उसे तोड़ा कैसे जा सकता है।
मुजरबानी को सोशल मीडिया पर करना पड़ा अपशब्दों का सामना
WSX Cricket ने अपने बयान में आगे बताया कि जब से ब्लेसिंग मुजरबानी ने आईपीएल में केकेआर के लिए खेलने का फैसला लिया उसके बाद से उन्हें सोशल मीडिया पर काफी अपशब्दों का सामना करना पड़ा है। ये जो भी लोग हैं वह सिर्फ नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। हम काफी समय से शांत थे लेकिन अब पानी सर से ऊपर उठ चुका था। हम सिर्फ ये चाहते हैं कि मुजरबानी से बैन हटाया जाए तो पहले की तरह स्थिति को सामान्य किया जाए।

