पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का पॉश इलाका गोलपार्क रविवार रात रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। रवींद्र सरोवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कंकुलिया रोड पर दो गुटों के बीच जबरदस्त झड़प हुई, जिसमें जमकर देसी बम फेंके गए और गोलियां चलाई गईं। इस हिंसा में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
कैसे भड़की हिंसा?
पुलिस के अनुसार, घटना रविवार रात करीब 8:30 बजे शुरू हुई। बताया जा रहा है कि दूसरे इलाके से आए युवकों का एक समूह कंकुलिया रोड में घुस गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। उपद्रवियों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए देसी बमों का इस्तेमाल किया। पुलिस को मौके से खाली कारतूस और छर्रे बरामद हुए हैं।
भीड़ ने सड़क पर खड़ी कई मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ की। जब सुरक्षा बल स्थिति को संभालने पहुंचे, तो उत्तेजित भीड़ ने पुलिस वाहन को भी निशाना बनाने की कोशिश की। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, “हमने सोमवार तड़के तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य दोषियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और छापेमारी जारी है।”
इलाके में वर्चस्व की जंग?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह पूरी हिंसा इलाके पर अपना वर्चस्व स्थापित करने के मकसद से की गई थी। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और आश्वासन दिया कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों और डर का माहौल पैदा करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

