उत्तर प्रदेशस्वास्थ्य

लोगों की सेहत संवारने की दिशा में उठाए जा रहे कदम : बृजेश पाठक

2017 से अब तक 9680 सीएचओ को प्रशिक्षित किया जा चुका है

लखनऊ,  3 अक्टूबर लोगों की सेहत संवारने के साथ ही प्रदेश सरकार रोजगार के अवसर भी मुहैया करा रही है…. कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) तैयार करने की दिशा में सरकार ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है…. 2017 से अब तक 9680 सीएचओ को प्रशिक्षित किया जा रहा है……. पांच हजार से अधिक सीएचओ की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है।

यूपी में 13 हजार 700 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इनमें कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की तैनाती की जा रही है। सीएचओ मरीजों को प्राथमिक इलाज मुहैया कराते हैं। गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को उचित सलाह देते हैं। जरूरत पड़ने पर उनका स्वास्थ्य से जुड़े प्राथमिक इलाज का काम करते है।

 

बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी लिए तेजी से सीएचओ तैयार किए जा रहे हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत परीक्षा कराकर छह माह का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसमें बीएससी, एनएमएम आदि की डिग्री धारी पप्रवेश पा सकते हैं। सीएचओ बनने के लिए उम्मीदवार का स्वास्थ्य क्षेत्र में दो साल का अनुभव होना जरूरी है।

सीएचओ का बढ़ता ग्राफ

   वर्ष                                        पंजीकरण                            उत्तीर्ण जुलाई 2017                                  18                                   13 जनवरी 2018                               216                                 195 जुलाई 2018                                882                                  712 जनवरी 2019                              1121                                1030 अक्टूबर 2019                             2142                                2099 अगस्त 2021                              3235                                3136 नवंबर 2021                               1460                                 1450 अप्रैल 2022                                1102                                 1045

वर्जन—बृजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार साकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। सीएचओ की संख्या में वृद्धि के लिए साल में कई परीक्षाएं कराई जा रही हैं। ताकि अधिक से अधिक सीएचओ तैनात किए जा सकें। शुरूआती इलाज से मरीज आसानी से ठीक हो सकता है। बीमारी को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। सीएचओ इसमें अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है।

रिपोर्ट- आमिर हुसैन रिजवी, एपेक्स न्यूज इंडिया, लखनऊ

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