स्वास्थ्य

कतर में बढ़ा कैमल फ्लू का खतरा

फीफा वर्ल्डकप के दौरान कतर में कैमल फ्लू बड़ा खतरा बन सकता है। यह बीमारी कोरोना वायरस और मंकी पॉक्स जैसी बीमारियों की तरह ही खतरनाक है।

कोरोना महामारी से अभी दुनिया को ठीक तरह से राहत भी नहीं मिली थी कि इसी बीच अब कैमल फ्लू के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की तरफ से इसको लेकर चिंता जताई गई है।

क्या है कैमल फ्लू?

कैमल फ्लू एक तरह का वायरस है जो ऊंटों से मनुष्यों में फैलता है क्योंकि खाड़ी देशों में ऊंटों का काफी इस्तेमाल होता है इसलिए इन देशों से कैमल फ्लू फैलने का खतरा बेहद ज्यादा है। ऊंटों से कई तरह का काम लिए जाते हैं। ट्रांसपोर्टेशन से लेकर ऊंट का दूध, मूत्र और मांस का इस्तेमाल किया जाता है।

कैमल फ्लू के लक्षण

रिपोर्ट के मुताबिक, सांस लेने में तकलीफ, बुखार, खांसी और दस्त जैसी परेशानी कैमल फ्लू में व्यक्ति को हो सकती है। इसके साथ ही बुजुर्गों, किडनी के मरीज, कैंसर के मरीज, डायबिटीज के मरीजों को इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है।

से फैलता है यह वायरस

किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, डायरेक्ट व इनडायरेक्ट रूप से इंफेक्शन हो सकता है। स्टडी के मुताबिक, वेक्टर-जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, रेबीज, खसरा, हेपेटाइटिस ए और बी के फैलने का खतरा भी कतर में बना हुआ है।  

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