स्वास्थ्य

बिना इंसुलिन के भी कंट्रोल कर सकते हैं शुगर लेवल

तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, इसमें भी टाइप-2 डायबिटीज के मामले सबसे अधिक देखे जाते हैं।

भारत में ढाई करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज की समस्या के शिकार हैं, साल-दर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। डायबिटीज भले ही रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने की समस्या हो पर इसका असर पूरे शरीर पर हो सकता है। किडनी, आंखों, लिवर और प्रतिरक्षा प्रणाली से संबंधित समस्याएं डायबिटीज रोगियों में काफी सामान्य मानी जाती हैं। डायबिटीज का कोई इलाज नहीं है, इसके लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए रोगियों की स्थिति के आधार पर दवाइयां और इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं।

गंभीर और अनियंत्रित ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। डायबिटीज के रोगियों में इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो जाता है, इस कमी को पूरा करने के लिए इंसुलिन के शॉट्स देने की आवश्यकता होती है।

डायबिटीज के खतरे को लेकर लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव के लेकर आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 14 नबंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। लाइफस्टाइल को ठीक रखकर बिना इंसुलिन के इंजेक्शन के बिना भी डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए इसके उपायों के बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।

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