खेल जगत

जब चेन्नई में खेला गया दुनिया का सबसे रोमांचक टेस्ट मैच,अफरीदी की पहली सेंचुरी, वेंकटेश का कारनामा

इस मुकाबले में पाकिस्तान टीम के कप्तान वसीम अकरम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी और पाकिस्तान ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे। पाकिस्तान के लिए 60 रन की पारी मोइन खान और 53 रन की पारी मोहम्मद यूसुफ ने खेली थी।

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आज से ठीक 23 साल पहले एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक था। भारत और पाकिस्तान की टीम आमने-सामने थी। मैदान चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम था, जिसमें ये हाई वोल्टेज मैच खेला गया था। इस मैच में वो सबकुछ देखने को मिला, जिसकी उम्मीद एक टेस्ट मैच में की जाती है। हालांकि, मुकाबला मेजबान भारत नहीं, बल्कि पाकिस्तान की टीम ने जीता था। इस मुकाबले में पाकिस्तान टीम के कप्तान वसीम अकरम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी और पाकिस्तान ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे। पाकिस्तान के लिए 60 रन की पारी मोइन खान और 53 रन की पारी मोहम्मद यूसुफ ने खेली थी। वहीं, भारत के लिए 6 विकेट अनिल कुंबले और 3 विकेट जवागल श्रीनाथ ने निकाले थे। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारत की टीम 254 रन पर ढेर हो गई। हालांकि, टीम को 16 रन की मामूली बढ़त मिली। भारत के लिए 54 रन सौरव गांगुली और 53 रन राहुल द्रविड़ ने बनाए। वहीं, पाकिस्तान की तरफ से 5 विकेट सकलेन मुश्ताक और 3 विकेट शाहिद अफरीदी और 2 विकेट वसीम अकरम को मिले। इसके बाद जब पाकिस्तान की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो 286 रन बनाकर ढेर हो गई। पाकिस्तान के लिए 141 रन की पारी शाहिद अफरीदी ने खेली, जबकि 51 रन इंजमाम उल हक ने बनाए थे। अफरीदी की पहली सेंचुरी, वेंकटेश का कारनामा शाहिद अफरीदी के टेस्ट करियर की ये पहली सेंचुरी थी। इससे एक साल पहले उन्होंने 1998 में टेस्ट डेब्यू किया था। इस पारी में एक बात हैरान करने वाली ये भी रही कि भारत के लिए तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने महज 18 गेंदों के अंदर फाइव विकेट हॉल हासिल कर लिया था। कुल 6 विकेट उनके खाते में गए। 2 विकेट सचिन तेंदुलकर को भी मिले। इस तरह भारत को जीत के लिए 271 रन का लक्ष्य मिला था। भारतीय टीम ने अपनी दूसरी और मैच की आखिरी पारी में बल्लेबाजी शुरू की तो टीम के पहले दो विकेट 6 रन पर गिर गए थे। तीसरा विकेट 50 रन पर गिरा, चौथा विकेट 73 रन पर और पांचवां विकेट 82 रन पर गिरा। इसके बाद सचिन तेंदुलकर और नयन मोंगिया के बीच 136 रन की साझेदारी हुई। मोंगिया 52 रन बनाकर आउट हो गए। इस समय स्कोर 218 रन पर 6 विकेट था। भारत की टीम मुकाबले में वापसी कर चुकी थी। हालांकि, इसके बाद एक बार फिर से सकलेन मुश्ताक की फिरकी और वसीम अकरम की तेज गेंदबाजी ने भारत को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 5 विकेट मुश्ताक ने चटकाए थे, जबकि 3 विकेट अकरम को मिले थे। भारत का सातवां विकेट सचिन तेंदुलकर के रूप में गिरा था, जो 136 रन बनाकर आउट हुए थे। इसके बाद दो ही रन टीम के खाते में जुड़े और टीम ने अपने बाकी के तीन विकेट खो दिए और मैच 12 रन से गंवा दिया।  

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