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ऐसी प्रयोगशालाएं जैविक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रयोगों के केंद्र हैं

यूक्रेन में अमेरिका के नेतृत्व में जैविक प्रयोगशालाओं (बायोलॉजिकल लैब्स) की मौजूदगी वाशिंगटन की भूमिका को पूरी तरह से बदल देती है

यूक्रेन में अमेरिका के नेतृत्व में जैविक प्रयोगशालाओं (बायोलॉजिकल लैब्स) की मौजूदगी वाशिंगटन की भूमिका को पूरी तरह से बदल देती है और यह रूस के लिए एक सीधा खतरा है। रूसी विदेश मंत्रालय की आधिकारिक प्रतिनिधि मारिया जखारोवा ने यह बात कही है।

आरटी की रिपोर्ट के अनुसार, जखारोवा ने कहा कि अगर 24 फरवरी को यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूरे यूक्रेन में जैव प्रयोगशालाओं को प्रासंगिक निर्देश भेज दिए हैं, तो इसका मतलब है कि इसे चालू कर दिया गया है और इसका मतलब यह निकलता है कि आपातकालीन योजना को क्रियान्वित किया गया है।

उन्होंने कहा कि ऐसी प्रयोगशालाएं जैविक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य प्रयोगों के केंद्र हैं।

जखारोवा ने आगे कहा, यह पूरी तरह से यूक्रेन के भाग्य को लेकर अमेरिका की भागीदारी की तस्वीर को बदल देता है: यह केवल प्रभाव का एक साधन नहीं है, यह केवल नियंत्रण का एक साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के लिए एक सीधा खतरा है।

इससे पहले, रूस ने कहा था कि अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य जैविक कार्यक्रम के तहत लविवि, खारकीव और पोल्टावा में 30 से अधिक प्रयोगशालाएं खतरनाक संक्रामक एजेंटों के साथ काम कर रही हैं।

आरटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंटोनोव ने कहा कि यूक्रेन में जैविक हथियारों के निषेध पर कन्वेंशन के उल्लंघन के तथ्यों की पुष्टि से अमेरिका डरता है।

वहीं दूसरी ओर उप विदेश मंत्री विक्टोरिया नुलैंड ने कहा कि अमेरिका रूसी सेना को यूक्रेन में जैविक प्रयोगशालाओं से अनुसंधान सामग्री प्राप्त करने से रोकने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा, यूक्रेन में जैविक अनुसंधान के लिए सुविधाएं हैं। हम चिंतित हैं कि रूसी सेना उन पर नियंत्रण करने की कोशिश कर सकती है, इसलिए हम यूक्रेनियन के साथ काम कर रहे हैं कि कैसे इनमें से किसी भी शोध सामग्री को रूसी सेना के हाथों में पड़ने से रोका जाए।

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