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अब 20 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे स्कूल

सीबीएसई ने टर्म-1 परीक्षा 2021-22 के परिणाम के लिए इवैल्यूएशन यानी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की समय-सीमा बढ़ा दी है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने लाखों छात्रों और स्कूलों को राहत दी है। सीबीएसई ने टर्म-1 परीक्षा 2021-22 के परिणाम के लिए इवैल्यूएशन यानी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। सीबीएसई की नइ अधिसूचना के अनुसार, परिणाम के खिलाफ आपत्ति उठाने की संशोधित समय-सीमा 20 अप्रैल का दी गई है। 
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इस समय-सीमा तक, स्कूलों को अपने विद्यार्थियों के परिणामों के पुनर्मूल्यांकन अनुरोध और आपत्तियों को लेकर आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। सीबीएसई ने आधिकारिक अधिसूचना में बताया कि कुछ स्कूलों द्वारा सूचित किया गया है कि वे नियत तारीख के भीतर आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए, एक विशेष उपाय के रूप में, सीबीएसई ने अंतिम तिथि 20 अप्रैल, 2022, बुधवार तक के लिए बढ़ा दी है।

एसआरएसआर पोर्टल के माध्यम से भेज सकेंगे शिकायत

सीबीएसई की ओर से कहा गया है कि टर्म-1 परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने हेतु प्रश्नपत्रों के पुनर्मूल्यांकन के लिए, छात्रों को अपने स्कूलों में जाना होगा। वहां छात्र अपनी समस्या या प्रश्न संबंधी आपत्ति को लिखित रूप में स्कूल प्रभारी के सामने प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद से यह स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वे सीबीएसई को अपने ऑनलाइन विवाद निवारण तंत्र – समाधान के लिए स्कूल रिक्वेस्ट सबमिशन यानी एसआरएसआर पोर्टल के माध्यम से शिकायत भेजें।

स्कूल की ओर से भेजी जाएगी सामूहिक रिक्वेस्ट

हालांकि, स्कूल प्रबंधन की ओर से से भी हर अनुरोध सीबीएसई को नहीं भेजा जाएगा। ऐसे मामलों में जहां कक्षा 10वीं के लिए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन या आपत्ति को स्कूल के स्तर पर हल किया जा सकता है, तो उसके परिणाम स्कूल द्वारा लिखित रूप में संबंधित छात्र को सूचित किया जाएगा। यदि विवाद का समाधान सीबीएसई द्वारा किया जाना है, तो स्कूलों द्वारा प्राप्त सभी विवादों को मिलाकर एक रिपोर्ट एसआरएसआर पोर्टल पर एक बार में अपलोड की जा सकती है। उम्मीदवार लेटेस्ट अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।

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