स्वास्थ्य

8 साल या इससे कम उम्र के बच्चों में मंकीपॉक्स का खतरा ज्यादा

आठ वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों को मंकीपॉक्स की अधिक गंभीर बीमारी के लिए उच्च जोखिम वाला समूह माना जाना चाहिए.

इस साल दुनियाभर के कई देशों सहित भारत में भी मंकीपॉक्स का प्रकोप देखने को मिला है. इससे संक्रमित व्यक्ति के शरीर पर पानी भरे बड़े-बड़े फफोले हो जाते हैं. एक शोध में पता चला है कि मंकीपॉक्स वायरस 8 वर्ष या इससे कम उम्र के बच्चों के लिए ज्यादा जोखिमकारक है. यहां तक कि अधिक आय वाले देशों में भी बच्चों के इससे ज्यादा संक्रमित होने और मृत्यु के आंकड़े सामने आ रहे हैं.

आठ वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों को मंकीपॉक्स की अधिक गंभीर बीमारी के लिए उच्च जोखिम वाला समूह माना जाना चाहिए. शोधकर्ताओं की रिपोर्ट में यह कहा गया है. द पीडियाट्रिक इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, अब तक कुछ बच्चे ही मंकीपॉक्स से प्रभावित हैं, लेकिन 8 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों में जोखिम अधिक है

अगस्त तक, दुनियाभर में मंकीपॉक्स के लगभग 47 हजार मामलों की लैब टेस्ट के आधार पर पुष्टि हो चुकी थी. इनमें से सिर्फ 211 मामले 18 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों में थे. वर्तमान प्रकोप में, मंकीपॉक्स वायरस बड़े पैमाने पर यौन या अन्य निकट संपर्क से फैलता प्रतीत होता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button