CM योगी का सख्त फरमान: रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल-कानूनगो-तहसीलदार सब सस्पेंड, जनता दर्शन में भड़के मुख्यमंत्री

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सीएम योगी का सख्त निर्देश, रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में भूमि विवाद और राजस्व मामलों में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने दबंगों द्वारा रास्ता रोकने की शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

महिला ने बताया कि दबंग उसे रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं और धमकी देते हैं कि वह चाहे जहां शिकायत कर ले। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि महिला को रास्ता दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि अगर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार रास्ता दिलाने में खुद को असमर्थ मानते हैं तो तीनों को निलंबित किया जाए।

जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही पर सख्त एक्शन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली सामने आएगी, वहां जिम्मेदार कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता के अनुसार निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह संदेश दिया कि जनता की शिकायतों को टालने या उन्हें लंबे समय तक लंबित रखने की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी।

जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मिले CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री खुद लोगों के पास पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।

लोगों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री ने अपने हाथ में लेकर संबंधित शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का गंभीरता से संज्ञान लेकर समयबद्ध तरीके से समाधान कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है और सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र लोगों की समस्याओं का निस्तारण पूरी प्रतिबद्धता के साथ कराया जाएगा।

कई लोगों ने जमीन से जुड़ी शिकायतें कीं

जनता दर्शन में अन्य लोगों ने भी जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित लापरवाही की शिकायत की। इन शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मामलों की जांच कर लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश से साफ है कि सरकार अब भूमि विवादों में राजस्व विभाग की जवाबदेही तय करने के मूड में है।

इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने वालों को भी भरोसा

जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र जरूरतमंदों के आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज में परेशानी न हो। यदि आयुष्मान योजना के बावजूद अतिरिक्त सहायता की जरूरत पड़े तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों से एक बात स्पष्ट रही—भूमि विवाद हो या इलाज की जरूरत, शिकायत लेकर आने वाले लोगों को राहत दिलाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

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