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रामपुर जिले में बना है देश का पहला अमृत सरोवर

तालाब इसलिए जरूरी हैं तापमान को नियंत्रित करते हैं

ग्रामीण भारत की 70 प्रतिशत आबादी की जीविका खेती-किसानी पर निर्भर है दुखद पहलू यह भी है कि हमारी 52 प्रतिशत खेती वर्षा पर निर्भर है। महज 48 प्रतिशत खेतों को ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। इसमें भी भूजल पर निर्भरता बढ़ने से खेती की लागत बढ़ती जा रही है। ऐसे में समाज को सरकार ने अपने सबसे सशक्त पारंपरिक जल-निधि तालाब की ओर लौटने का आह्वान किया है। आजादी के 75 साल के अवसर पर देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों के निर्माण की योजना पर काम हो रहा है।

जलवायु परिवर्तन का कुप्रभाव अब सभी के सामने है। मौसम की अनिश्चितता जाने की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ी है। भूजल के हालात पूरे देश में दिनों-दिन खतरनाक होते जा रहे हैं। उधर बड़े बांधों के कुप्रभावों के चलते पूरी दुनिया में इनका बहिष्कार हो रहा है। बड़ी सिंचाई परियोजनाएं एक तो महंगी होती हैं, दूसरा उनसे विस्थापन एवं कई तरह की पर्यावरणीय समस्याएं खड़ी होती हैं। ऐसे में खेती को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भारतीय समाज को अपनी जड़ों की और लौटना होगा। यानी फिर से तालाबों पर निर्भरता बढ़ानी होगी।

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