स्वास्थ्य

कई देशों में कोरोना से बिगड़े हालात

कोरोना संक्रमण के मामलों में हुई बढ़ोतरी ने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है

एक समय जब ऐसा लगने लगा था कि दुनियाभर में स्थिति सामान्य हो रही है, इसी बीच ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) के कारण चीन और यूरोप के देशों में हालात फिर से बिगड़ने लगे हैं। अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिएंट को अधिक संक्रामक बताया जा रहा है, विशेषज्ञों को आशंका है कि इससे होने वाले संक्रमण की स्थिति में गंभीर मामलों का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले चार हफ्तों से दुनिया के कई देशों में इस वैरिएंट के मामलों में तेजी से उछाल दर्ज किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों के मुताबिक जिन देशों में हालात फिलहाल सही हैं वहां भी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है, जिससे कोरोना के प्रसार को रोका जा सके। 

यूके के जोई कोविड ऐप से प्राप्त जानकारियों के आधार पर प्रोफेसर टिम स्पेक्टर कहते हैं, ओमिक्रॉन के इस सब-वैरिएंट के संक्रमण की स्थिति में लोगों में कॉमन कोल्ड जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। ऐसे में कोरोना के खतरे से बचे रहने के लिए लोगों को कुछ लक्षणों को लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। बचाव के लिए सभी लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीनेशन पर जोर देना चाहिए। आइए जानते हैं कि कोरोना से बचे रहने के लिए किन लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है?

नाक बहने और लगातार छींक आने की समस्या जोई कोविड ऐप से प्राप्त जानकारियों के अनुसार ज्यादातर संक्रमितों में नाक बहने और लगातार छींक आने की समस्या देखी जा रही है। कोरोना वायरस ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है, यही कारण है कि लोगों में इस तरह के कॉमन कोल्ड जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों लक्षणों के साथ लगातार बुखार, खांसी और गले में दिक्कतों का बने रहना, संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों के बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।

बदन और सिरदर्द की समस्या कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट विशेषकर गले और नाक की ग्रंथियों को अधिक प्रभावित करता है, ऐसे में कॉमन कोल्ड के लक्षणों के साथ लोगों को बदन और सिरदर्द की दिक्कतों का भी अनुभव होता रह सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.2 के संक्रमण की स्थिति में सिरदर्द लगभग तीन दिनों तक बना रह सकता है। यदि आपको भी इस तरह की समस्याओं का अनुभव हो रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें।

थकान और कमजोरी कोरोना संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद भी लोगों में थकान और कमजोरी की समस्या देखी जा रही है। लॉन्ग कोविड के रूप में ऐसी दिक्कतें ठीक होने के बाद हफ्तों से लेकर महीनों तक बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से मुकाबले के दौरान शरीर में माइक्रोन्यूट्रियंट्स की तेजी से कमी होने लगती है जिसके कारण इस तरह की दिक्कतें होती हैं। यही कारण है कि संक्रमण के दौरान और ठीक होने के बाद भी आहार का विशेष ख्याल रखना बहुत आवश्यक माना जाता है।

कोरोना से बचाव के लिए फिलहाल क्या करें? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी है ऐसे लोगों में संक्रमण के गंभीर मामलों का जोखिम बहुत कम देखा जा रहा है। स्टील्थ ओमिक्रॉन स्वाभाविक रूप से अधिक संक्रामक जरूर है पर इसके कारण ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं। खतरा सिर्फ उन लोगों में अधिक है जिनका या तो वैक्सीनेशन नहीं हुआ है या फिर वह पहले से ही कोमोरबिडिटी के शिकार हैं। ऐसे में सभी लोगों को लगातार कोरोना से बचाव के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।

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