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मिड टर्म इलेक्शन में खुद को गोरी आबादी का हीरो बता रहे ट्रम्प;ट्रम्प को मसीहा

अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव हार चुके डोनाल्ड ट्रम्प मिड टर्म चुनाव में जीत के लिए ईसाई राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे हैं

अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव हार चुके डोनाल्ड ट्रम्प मिड टर्म चुनाव में जीत के लिए ईसाई राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे हैं। इसके लिए रिपब्लिकन पार्टी की सरकार वाले राज्यों में चर्च में विशेष संडे सर्विस हो रही हैं। इनमें ट्रम्प को ईसाई अमेरिका का नायक बताया जा रहा है। श्वेताें के चर्च में होने वाली इन सभाओं में ट्रम्प को मसीहा बताकर ईसाई अमेरिका की स्थापना को लक्ष्य बताया जाता है।

अमेरिका में नवंबर में हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव यानी निचले सदन की 435 सीटों के लिए मिड टर्म इलेक्शन होंगे। इसमें जीत दर्ज कर ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी को तो मजबूत बनाना चाहते ही हैं, साथ ही पार्टी में अपना कद भी बढ़ाना चाहते हैं। ट्रम्प की इस मुहिम में 28 रिपब्लिकन गवर्नर उनका साथ दे रहे हैं।।

बाइडेन को शैतान कहते हैं ट्रम्प ट्रम्प अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनके प्रशासन को शैतान तक घोषित करते हैं। ट्रम्प के समर्थन में प्रार्थनाएं भी होती हैं। टेनेसी की एक सभा में पादरी केन पीटर्स जब एक ऐसी ही सभा को संबाेधित कर रहे थे, तो चर्च में ट्रम्प के समर्थन में जोर-जोर से नारे लगाए गए। चर्च में आने वाले जिम विल्स का कहना है कि भले ही बाइडेन अपने को कैथोलिक ईसाई बताते हैं, लेकिन वे चर्च नहीं जाते हैं। ट्रम्प इसी का फायदा उठाना चाहते हैं।

69% रिपब्लिकन वोटर 2024 में ट्रम्प के सपोर्ट में पिछला चुनाव हारने के बावजूद डोनाल्ड ट्रम्प अपनी रिपब्लिकन पार्टी में टॉप पर बने हुए हैं। पोलिटिको के एक सर्वे के अनुसार, 69% रिपब्लिकन वोटर ट्रम्प को 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि ट्रम्प ही पार्टी को जीत दिला सकते हैं।

इन आंकड़ों का मतलब यह है कि ट्रम्प को अब भी अपनी पार्टी में अप्रूवल रेटिंग का समर्थन हासिल है। 6 जनवरी की कैपिटल हिंसा की सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन पार्टी में ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग में 2% की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले ट्रम्प की अप्रूवल रेटिंग 67% थी।

खुद को देशभक्त बताने वाले 84% श्वेत ट्रम्प के समर्थन में पीयू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार ट्रम्प को लगभग 84% इवेंजलिकल श्वेत ईसाइयों का समर्थन प्राप्त है। ये सभी कैपिटल हिंसा का समर्थन, गर्भपात का विरोध और अल्पसंख्यकों को वोटिंग अधिकार देने के विरोध में रहते हैं।

ये ट्रम्प समर्थक अपने आप को असल देशभक्त बताते हैं। इनका कहना है कि अमेरिका में ईसाई राष्ट्रवाद से ही प्रगति संभव है। ऐसे में वे रिपब्लिकन पार्टी विशेषकर ट्रम्प का समर्थन करते हैं। ट्रम्प के ये समर्थक चर्च के बाद अन्य लोगों के घरों में भी जाते हैं। अलग-अलग चर्चो में होने वाली सभाओं में आने वाले ट्रम्प समर्थक उनके मुद्दों की टी-शर्ट और प्ले कार्ड भी लेकर आते हैं।

ट्रम्प को अपनी पार्टी में फिलहाल कोई चुनौती नहीं रिपब्लिकन पार्टी में 2024 के राष्ट्रपति पद के लिए ट्रम्प की उम्मीदवारी को चुनौती देने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस को सबसे ताकतवर माना जाता रहा है, लेकिन इसी माह पेंस ने कहा कि वे इस बारे में 2023 में अपने परिवार से सलाह के बाद ही कोई निर्णय करेंगे।

UN में अमेरिका की राजदूत रहीं निक्की हेली को मिड टर्म इलेक्शन की रिपब्लिकन पार्टी की एक्शन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कैपिटल हिंसा के मुद्दे पर ट्रम्प के विरोध के कारण वे अभी पार्टी में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर हाशिये पर हैं। वहीं, टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज भी अपनी उम्मीदवारी पर चुप्पी साधे हुए हैं।

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