आगरा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिले में चलाए गए विशेष अभियान में 1100 स्कूली बसों की जांच की गई, जिसमें 200 बसें अनफिट पाई गईं। बड़ी संख्या में वाहनों में खामियां मिलीं। जिन वाहनों में रोज नौनिहाल सफर करते हैं, उनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी चिंता बढ़ाने वाली है। जांच के दौरान 600 स्कूली वाहनों में विभिन्न कमियां सामने आईं। इनमें स्पीड गवर्नर का अभाव, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र की कमी समेत कई अन्य शामिल हैं।
एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार सिंह ने बताया कि 40 वाहनों का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है, जिसे तीन महीने बाद रद्द कर दिया जाएगा। सभी वाहनों की 29 बिंदुओं पर जांच की गई। जिले के 5690 स्कूलों में 1216 बसें ऐसी हैं जो 15 वर्ष पुरानी हैं, जबकि 200 बसें 15 वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी कर चुकी हैं। जांच में 95 बसों की फिटनेस समाप्त पाई गई, वहीं 100 बसें बिना परमिट के संचालित होती मिलीं। विभाग ने सभी वाहन संचालकों को कमियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा मानकों के तहत बसों के बाहरी और आंतरिक दोनों पहलुओं की जांच की गई। बाहरी जांच में बस का पीला रंग, मजबूत जालियां, स्टॉप साइन और रिफ्लेक्टिव टेप की स्थिति देखी गई। वहीं अंदर प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी और जीपीएस सिस्टम की उपलब्धता को परखा गया।तकनीकी जांच में ब्रेक, टायर, हेडलाइट, टेल लाइट, इंडिकेटर और रिवर्स अलार्म की कार्यक्षमता जांची गई। जिन वाहनों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें दुरुस्त किए बिना संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

