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यूक्रेन मिलिट्री बैकग्राउंड वाले कैदियों और आपराधिक संदिग्धों को रिहा कर रहा है, ताकि वे भी देश में रूस की सेना के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो सकें.

यूक्रेन मिलिट्री बैकग्राउंड वाले कैदियों और आपराधिक संदिग्धों को रिहा कर रहा है, ताकि वे भी देश में रूस की सेना के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो सकें.

 यूक्रेन (Ukraine) और रूस (Russia) के बीच जंग (War) जारी है. इस बीच यूक्रेन ने रूस की सेना को रोकने के लिए बड़ा फैसला किया है. यूक्रेन मिलिट्री बैकग्राउंड वाले कैदियों और आपराधिक संदिग्धों को रिहा कर रहा है, ताकि वे भी देश में रूस की सेना के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो सकें.

जंग के लिए खूंखार अपराधी जेल से रिहा

यूक्रेन के प्रोसिक्यूटर जनरल के कार्यालय के एक अभियोजक एंड्री सिन्यूक ने बताया कि सर्गेई टोरबिन, एक पूर्व लड़ाकू, रिहा किए गए कैदियों में से एक है. टोरबिन पहले डीपीआर और एलपीआर के साथ संघर्ष में लड़े थे. नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार विरोधी प्रचारक कतेरीना हांडजिउक की हत्या में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 2018 में 6 साल और 6 महीने की सजा हुई थी.

तेजाब में डुबोकर महिला को मारा था

महिला को जुलाई 2018 में उसके घर के बाहर एक सड़क पर तेजाब से डुबो दिया गया था और बाद में गंभीर रूप से जलने से अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी.

पूर्व कैदियों के साथ बनाया दस्ता

सिन्यूक ने कहा कि टोरबिन ने जल्दी रिहाई के बाद अपने दस्ते के लिए पूर्व कैदियों को चुना. उन्होंने कहा कि एक अन्य पूर्व सैनिक, दिमित्री बालाबुखा, को 2018 में बस स्टॉप पर एक शख्स की चाकू मारकर हत्या करने के लिए 9 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. यूक्रेनी सरकार अपने नागरिकों को हथियार दे रही है क्योंकि रूसी सेनाएं उसकी राजधानी कीव के करीब पहुंच गई हैं. रूस की सेना का 5 किलोमीटर लंबा काफिला कीव की तरफ बढ़ रहा है. बता दें कि रूस ने बीते गुरुवार को अपने पड़ोसी पर हमला किया, ये तर्क देते हुए कि वो डोनेट्स्क और लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक का बचाव कर रहा है, जो कि कीव में 2014 के तख्तापलट के तुरंत बाद पूर्वी यूक्रेन से अलग हो गया था. यूक्रेन ने इस कदम की निंदा की और दावा किया कि ये अकारण आक्रामक कार्रवाई है.

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