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जेल में बंद नशे के तस्कर आपस में भिड़े,9 की मौत बड़े मामले सामने आए हैं

मेक्सिको में बीते तीन दिनों में अपराध के तीन बड़े मामले सामने आए हैं. एक बच्चे का दफनाया गया शव 130 किलोमीटर दूर कचरे में मिला

मेक्सिको में बीते तीन दिनों में अपराध के तीन बड़े मामले सामने आए हैं. एक बच्चे का दफनाया गया शव 130 किलोमीटर दूर कचरे में मिला, पत्रकार की हत्या हुई और जेल में हुए दंगे में 9 कैदी मारे गए हैं.मेक्सिको की एक जेल में दंगा भड़कने से 9 कैदियों की मौत हुई है और 7 जख्मी हुए हैं. दंगे के बाद कोलीमा राज्य के प्रशासन ने कहा है कि जेल पर दोबारा नियंत्रण पा लिया गया है. यह घटना बीते तीन दिनों में सामने आया तीसरा बड़ा मामला है, जिसमें मेक्सिको की लचर कानून व्यवस्था सबके सामने आई है. इससे पहले 23 जनवरी को एक महिला पत्रकार की मौत हुई थी और 25 जनवरी को एक दफनाये जा चुके तीन महीने के बच्चे की लाश जेल के एक कचरे के डिब्बे से मिली थी. राज्य के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग के मुताबिक, जेल में दंगा दो विरोधी गुटों के बीच टकराव के कारण हुआ. टकराव की वजह के बारे में विभाग ने कोई टिप्पणी नहीं की है. बिगड़ी स्थिति पर काबू पाने में राज्य की पुलिस, सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को करीब 1 घंटे का समय लगा. अधिकारियों के बताया कि दंगे के बाद तलाशी के दौरान कैदियों से देसी पिस्टल और चाकू बरामद किए गए हैं. कोलीमा मेक्सिको का तटीय राज्य है और यहां से बड़े पैमाने पर नशे की तस्करी होती रही है. दंगे में शामिल दोनों विरोधी गुट नशे की अवैध तस्करी से ही जुड़े हैं. ऐसा पहली बार नहीं है जब मेक्सिको की किसी जेल में कैदियों के बीच संघर्ष की खबरें आई हों. इसी महीने 8 जनवरी को मोंटेरे शहर के बाहर बनी एक जेल में हुए संघर्ष में 56 कैदी जख्मी हो गए थे. विरोधी गुटों पर हमला करने के लिए ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था. तब मामला पैसे की उगाही का था. दरअसल, यहां के कैदी औद्योगिक केंद्रों में काम करते हैं. इसलिए इस जेल में सक्रिय 5 से ज्यादा गुट, यहां के कैदियों से ही उगाही करते थे. मेक्सिको की जेलों में प्रशासन कमजोर साबित होता रहा है. अधिकारी भी मानते हैं कि जेल पर कुछ हद तक कैदियों का ही कब्जा है. जेल में मिली कब्र से निकाली हुई बच्चे की लाश 25 जनवरी को मेक्सिको में 3 महीने के एक बच्चे की लाश जेल के कचरे के ढेर से बरामद हुई है
प्रशासन के मुताबिक, इस लाश को कब्र से निकाला गया है. जन्मजात परेशानियों के साथ पैदा हुए करीब तीन महीने के इस बच्चे की मौत 6 जनवरी को हुई थी और इसे राजधानी मेक्सिको सिटी में दफनाया गया था. वहां से 130 किलोमीटर दूर पुएबला राज्य की एक जेल में इस बच्चे की लाश मिलने से देश भर में लोग सदमे में हैं. प्रशासन ने भी मामले पर हैरानी जताई है. पुएबला के गवर्नर मिगेल बारबोसा ने बताया कि इस मामले में 21 गिरफ्तारियां हुई हैं. शक के आधार पर 23 लोगों के खिलाफ वारंट जारी हुए थे, जिसमें जेल के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. महिला पत्रकार की हत्या इससे पहले 23 जनवरी को मेक्सिको में एक महिला पत्रकार लुरडेस मालडोनाडो लोपेज की हत्या हुई थी. लोपेज ने अपनी जान को खतरे की आशंका पहले ही जताई थी. उन्होंने राष्ट्रपति आंद्रेज मैनुअल लोपेज ओब्रादोर के सामने पत्रकारों की मौत का मामला रखा था. मेक्सिको में अकेले जनवरी 2022 में तीन पत्रकारों की हत्या हो चुकी है. लोपेज से पहले 17 जनवरी को फोटोजर्नलिस्ट अल्फांसो मार्गरिटो मार्टिनेज की हत्या हुई थी. उन्हें सिर में गोली मारी गई थी. मार्गरिटो अपराध से जुड़ी खबरों पर काम करते थे. 10 जनवरी को एक अन्य पत्रकार लूइस गामबोआ की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. उनके शव की पहचान हत्या के चार दिन बाद हो पाई थी. इन हत्याओं के खिलाफ देश भर में पत्रकार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. पत्रकारों की सुरक्षा के मामले में मेक्सिको के स्थिति बुरी है. अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ के मुताबिक, 2021 में यहां कम-से-कम सात पत्रकारों की हत्या हुई है. साल 2000 से अब तक 100 से ज्यादा पत्रकार मारे जा चुके हैं. आरएस/आरपी (एएफपी, एपी).  

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