स्वास्थ्य

इन वजहों से हो सकती है सफेद दाग की समस्या

सफेद दाग को लेकर लोगों का सोचना है कि यह कुष्ठ रोग है जो छूने से फैलता है। जबकि डॉक्टर्स का मानना है कि यह कोई छूआछूत की बीमारी नहीं

त्वचा पर सफेद धब्बों को आजकल भी कई जगहों पर छूआछूत की बीमारी माना जाता है। लोग ऐसे लोगों के साथ रहने, खाने-पीने से बचते हैं। तो आपको बता दें कि सफेद दाग की समस्या संक्रामक बिल्कुल भी नहीं। सफेद दाग होने की कई वजहें हो सकती हैं। मेडिकल की भाषा में सफेद दाग को विटिलिगो (Vitiligo) कहा जाता है। वैसे एक्जिमा, सोरायसिस, मिलिया, टीनिया वर्सिकलर जैसी समस्याओं के कारण भी त्वचा पर सफेद धब्बे पड़ जाते हैं।

कैसे पहचानें सफेद दाग की समस्या?

जब स्किन का कलर हल्का होने लगे और उस हिस्से के आसपास के बालों का रंग भी सफेद होने लगे तो समझ जाए कि यह सफेद दाग की समस्या है। हालांकि इन दाग-धब्बों पर किसी तरह की खुजली या दर्द का एहसास नहीं होता, लेकिन पसीने और गर्मी से उन जगहों में जलन पैदा हो सकती है।

मेलोनोसाइट की कमी की वजह से होती है यह समस्या

स्किन का कलर बनाने वाली सेल्स मेलोनोसाइट के कम या खत्म हो जाने पर शरीर में सफेद दाग हो सकते हैं। इसकी कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। जब शरीर का ऑटो इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता उल्टा असर दिखाने लगती है

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