ब्रेकिंग न्यूज़स्वास्थ्य

आखिर फिर तेजी से क्यों बढ़ने लगे हैं कोरोना के केस

भारत सहित दुनिया के कई अन्य देशों में एक बार फिर से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले चिंता बढ़ाने वाले हैं

भारत में भी पिछले कुछ दिनों से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब नौ राज्यों में संक्रमण की रफ्तार काफी तेजी से बढ़ती रिपोर्ट की गई है। दैनिक पॉजिटिविटी रेट का बढ़ना बड़ी समस्या की तरफ इशारा माना जा रहा है, फिलहाल नोएडा का पॉजिटिविटी रेट सबसे अधिक 10.61 फीसदी के करीब बताया जा रहा है। बीते 24 घंटे में 2400 से अधिक संक्रमण ने नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। तीसरी लहर के बाद पहली बार आर-वैल्यू एक के ऊपर पहुंची है। यह कोविड-19 के प्रसार का सूचक है।

दुनिया के कई अन्य देशों से भी इसी तरह के हालात की सूचना मिल रही है। चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के बाद भी शंघाई शहर में पिछले दिनों तेजी से दैनिक केस में इजाफा हुआ है जिसके कारण कुछ स्थानों पर लॉकडाउन लगा दिया गया है। ब्रिटेन और ब्राजील से मिल रहे कोरोना के अपडेट भी इसी तरह के केस बढ़ने की ओर इशारा करते हैं। एक समय जब ऐसा लगने लगा था कि जैसे कोरोना खत्म हो गया है, ऐसे में फिर एक बार संक्रमण का बढ़ना विशेषज्ञों के लिए नई मुसीबतों का कारण बन रहा है। आखिर एक बार फिर से दुनियाभर में कोरोना क्यों तेजी से पैर पसारने लगा है? आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।

जीरो कोविड पॉलिसी के बाद भी चीन में बिगड़े हालात चीन, जीरो कोविड पॉलिसी पर काम कर रहा है। इसके तहत मामले बढ़ते ही लॉकडाउन लगाने और तेजी से जांच के दायरे को बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। हालांकि, बावजूद इसके संक्रमण के मामले देश में तेजी से बढ़े हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीरो कोविड पॉलिसी के तहत जिन लोगों का टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आता है, उन्हें सख्ती से क्वारंटीन नियमों का पालन करना होता है। यहां तक कि अगर बच्चे भी संक्रमित हो जाते हैं तो उन्हें  माता-पिता से अलग कर दिया जाता है। इजरायली रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 में कोविड-19 पॉजिटिव हुए 9 और 13 साल के दो बच्चों को एक महीने के लिए अस्पताल में आइसोलेटेड रखा गया था। इतने सख्त नियमों के बावजूद चीन में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। 

सख्ती के बाद भी क्यों बढ़ रहे हैं केस? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन जैसे देश जहां इतनी ज्यादा सख्ती है, फिर भी वहां संक्रमण बढ़ने का प्रमुख कारण ओमिक्रॉन और एक्सई वेरिएंट को माना जा रहा है। कोरोना के ये वैरिएंट्स अत्याधिक संक्रामकता दर वाले हैं। हाल में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट BA.1 और BA.2 के संयोजन से उपजे एक्सई वैरिएंट की अत्याधिक संक्रामकता को लेकर अलर्ट किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार को शंघाई में 18,000 से अधिक नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। 

डब्ल्यूएचओ ने किया अलर्ट दुनियाभर में तेजी से बढ़ते संक्रमण को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को अलर्ट किया है। डब्ल्यूएचओ ने एक हालिया रिपोर्ट में कहा कि वैसे तो दुनियाभर में रिपोर्ट किए गए नए कोविड-19 के मामलों में पिछले सप्ताह लगभग एक चौथाई की कमी आई है। साप्ताहिक रिपोर्ट में स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि 11 से 17 अप्रैल के बीच लगभग 5.59 मिलियन मामले सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 24% कम है। मौतों की संख्या भी कम हुई है। हालांकि कुछ देशों में हालात बिगड़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button