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पेट्रोल, डीजल पर शुल्क कटौती से राजकोषीय घाटा बढ़ने की आशंका

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के केंद्र सरकार के फैसले से राजकोषीय घाटे पर दबाव पड़ेगा

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के केंद्र सरकार के फैसले से राजकोषीय घाटे पर दबाव पड़ेगा, जो चालू वित्त वर्ष में अनुमानित तौर पर सकल घरेलू उत्पाद के 6.4 प्रतिशत रह सकता है। बता दें कि सरकार ने शनिवार को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में रिकॉर्ड 8 रुपये प्रति लीटर की कटौती की और डीजल पर 6 रुपये की कटौती की ताकि उच्च ईंधन की कीमतों से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। देश में मुद्रास्फीति के कई सालों के उच्च स्तर पर पहुंचने के पीछे ईंधन की उच्च कीमतें बड़ा कारण हैं। पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती से सरकार को प्रति वर्ष लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा

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